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भारत में आधार-वोटर कार्ड बनाकर सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे थे 27 नेपाली, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा; DM के आदेश पर एक्शन

 Edited By: Vinay Trivedi @JournoVinay
 Published : Jul 05, 2026 09:29 am IST,  Updated : Jul 05, 2026 09:34 am IST

नेपाल और भारत दोनों की नागरिकता लेकर भारत में सरकारी योजनाओं को लाभ लेने वाले 27 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। जानें बलरामपुर में सामने आया ये पूरा मामला क्या है।

Balrampur India Nepal dual citizenship case- India TV Hindi
बलरामपुर में सामने आया भारत-नेपाल की दोहरी नागरिकता का मामला। Image Source : ANI (प्रतीकात्मक फोटो)

यूपी के बलरामपुर में भारत-नेपाल दोनों देशों की सिटिजनशिप और पहचान से संबंधी कागजात रखने के आरोप में सीमावर्ती कोतवाली जरवा इलाके में 27 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस अफसरों के मुताबिक, आरोप है कि इन लोगों ने सरकारी योजनाओं का फायदा भी लिया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास कुमार के मुताबिक, जिलाधिकारी की तरफ से की गई शिकायत के बाद इस मामले की पड़ताल कराई गई थी। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के लेटर के आधार पर की गई जांच रिपोर्ट के बाद यह एक्शन लिया गया है।

नेपाल के लोगों ने बलरामपुर में लिया सरकारी योजनाओं का लाभ

पड़ताल में पाया गया कि नेपाल के डांग जिले के कोईलाबास इलाके के कुछ लोगों ने खुद को बलरामपुर के बालापुर, तुलसीपुर क्षेत्र और शीतलापुर रिजवान गली का दिखाकर आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र समेत अन्य भारतीय दस्तावेज बनवाए और सरकारी योजनाओं का फायदा उठाया।

नेपाल और भारत दोनों की वोटर लिस्ट में मिला नाम

एसपी विकास कुमार ने आगे कहा कि जिन लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है, उनके नाम भारत की वोटर लिस्ट के साथ-साथ नेपाल की वोटर लिस्ट में भी पाए गए हैं। पड़ताल के दौरान, यह भी सामने आया कि लिस्ट में शामिल अब्दुल रहमान पुत्र कल्लू अनवरडीह के गांव बालापुर में रहता नहीं है, जबकि अब्दुल अजीज सिद्दीकी की कुछ महीने पहले मौत हो चुकी है। इसके बावजूद उनके नाम कई अभिलेखों में दर्ज पाए गए, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

भारतीय दस्तावेजों का किया दुरुपयोग

पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती पड़ताल में यह साफ हुआ है कि संबंधित लोगों के नाम नेपाल और भारत दोनों देशों की वोटर लिस्ट में दर्ज हैं। इसके अलावा, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करके सरकारी स्कीमों का फायदा लेने की बात भी सामने आई है। उन्होंने ये भी कहा कि यह मामला पहचान छिपाने, भारतीय दस्तावेजों के दुरुपयोग और सरकारी अभिलेखों में गलत जानकारी रजिस्टर कराने से जुड़ा है।

संबंधित विभागों के रिकॉर्ड से किया जा रहा मिलान

जरवा थाने की पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर विस्तार से जांच शुरू कर दी है। एसपी विकास कुमार ने बताया कि सभी कागजातों का सत्यापन हो रहा है और संबंधित विभागों से रिकॉर्ड का मिलान कर पड़ताल आगे बढ़ाई जा रही है। पड़ताल में सामने आने वाले फैक्ट्स के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

(इनपुट- PTI)

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