Trending GK Quiz : नेपाल भारत का पड़ोसी देश है, जिसके साथ खुली सीमा है। भारतीय नागरिकों के लिए कई राज्यों से सड़क मार्ग से चंद घंटों में पहुंचा जा सकता है। भारत के ठीक 5 राज्य नेपाल से सीधे जुड़े हैं, जहां से विदेश यात्रा बेहद आसान और किफायती है। ये राज्य हैं – उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम। कुल 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा इन पांच राज्यों से होकर गुजरती है।
उत्तराखंड से नेपाल
उत्तराखंड नेपाल की सबसे पश्चिमी सीमा से लगा राज्य है। चंपावत जिले का बनबसा बार्डर पोस्ट प्रमुख है। दिल्ली से देहरादून-हल्द्वानी होते हुए 8-10 घंटे में बनबसा पहुंचा जा सकता है। यहां से महेंद्रनगर (नेपाल) बस या टैक्सी से कुछ ही घंटों में पहुंच जाते हैं। पिथौरागढ़ और चंपावत के इलाके ट्रेकिंग और धार्मिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हैं।
उत्तर प्रदेश से नेपाल
उत्तर प्रदेश नेपाल के साथ सबसे लंबी सीमा (लगभग 551-560 किमी) साझा करता है। महराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलिभीत जैसे जिले नेपाल से सटे हैं। लखनऊ या गोरखपुर से सोनौली बार्डर मात्र 2-4 घंटे की दूरी पर है। सोनौली भारत-नेपाल का सबसे व्यस्त लैंडपोर्ट है, जहां से भैरहवा (नेपाल) आसानी से पहुंचा जा सकता है।
बिहार से नेपाल
बिहार नेपाल के साथ सबसे लंबी सीमा (726 किमी) रखता है। रक्सौल-बिरगंज, जयनगर, सुपौल और किशनगंज जैसे कई एंट्री प्वाइंट हैं। पटना से रक्सौल मात्र 4-5 घंटे की दूरी है। बिरगंज नेपाल का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। बिहार के इन इलाकों से लोग रोजाना नेपाल आते-जाते रहते हैं।
पश्चिम बंगाल से नेपाल
पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग जिला नेपाल से जुड़ा है। पानितंकी (नक्सलबाड़ी) बार्डर से काकरभिट्टा (नेपाल) पहुंचना बहुत आसान है। कोलकाता या सिलीगुड़ी से 4-6 घंटे में बॉर्डर पहुंचा जा सकता है। काकरभिट्टा से बिराटनगर जैसे शहर निकट हैं। बताया जाता है कि, ये दूरी केवल 100 किमी है।
सिक्किम से नेपाल
सिक्किम नेपाल की सबसे छोटी लेकिन खूबसूरत सीमा साझा करता है (लगभग 99 किमी)। गंगटोक से कुछ घंटों की यात्रा में नेपाल के इलाके पहुंचे जा सकते हैं। यहां की सीमा मुख्य रूप से पहाड़ी है, जो पर्यटकों को आकर्षित करती है।
नेपाल के बारे में रोचक तथ्य
भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा है। अब तक भारतीय पासपोर्ट या वोटर आईडी से बिना वीजा के नेपाल जा सकते थे मगर, नेपाल की हालिया सरकार के फैसलों से इसे लेकर कुछ तनातनी बढ़ी है, इसलिए भारतीय पर्यटकों को नेपाल वीजा और जरूरी दस्तावेज ले जाने चाहिए। नेपाल में बस, ट्रेन, टैक्सी और शेयरिंग वाहन आसानी से उपलब्ध हैं। कई जगहों पर सुबह निकलकर शाम को नेपाल पहुंचा जा सकता है। पशुपतिनाथ, मुक्तिनाथ, लुंबिनी, चितवन नेशनल पार्क जैसे गंतव्य इन राज्यों से निकट हैं।
आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व
भारत के ये सीमावर्ती राज्य व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के केंद्र हैं। लाखों भारतीय हर साल नेपाल घूमने जाते हैं। नेपाल से भारत भी बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। हालांकि कलापानी और सुस्ता जैसे कुछ विवादित मुद्दे हैं, लेकिन आम यात्रियों पर इसका असर नहीं पड़ता। ये पांच राज्य भारत के लिए नेपाल को विदेश बनाने के बजाय ‘पड़ोसी’ का एहसास कराते हैं। छोटी यात्रा, कम खर्च और समृद्ध अनुभव...यही वजह है कि इन राज्यों से नेपाल जाना सबसे आसान विदेश यात्रा मानी जाती है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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