Viral Video : एक भारतीय शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। जिसके बाद वर्कप्लेस पर सहानुभूति के मुद्दे पर एक बहस छिड़ गई है। दरअसल, वीडियो में भारतीय ने दावा किया है कि उसके विदेशी मैनेजर ने उससे उस दिन काम न करने के लिए कहा था जिस दिन उसके बच्चे ने प्रीस्कूल जाना शुरू किया था। इंस्टाग्राम पर सौरभ वर्मा ने बताया कि उनके बच्चे का प्रीस्कूल में पहला दिन होने के कारण वे मीटिंग में थोड़ा देर से शामिल हुए। जब उन्होंने कारण बताया, तो उनके मैनेजर को आश्चर्य हुआ कि वे मीटिंग में लॉग इन कैसे कर पाए। इसके बाद उन्होंने जबरदस्ती छुट्टी दी और काम करने से रोक दिया।
इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @thechanchanman_1 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में शख्स ने बताया कि, 'दोस्तों, मेरे एक विदेशी मैनेजर हैं जिन्होंने आज मुझे काम करने से रोक दिया और मुझसे छुट्टी लेने को कहा क्योंकि आज मेरे बच्चे का प्रीस्कूल में पहला दिन था।' उन्होंने आगे बताया कि उनके मैनेजर ने उनसे कहा, 'सौरभ, तुम आज काम पर आए ही क्यों? यह इतना महत्वपूर्ण दिन है, और मुझे सच में लगता है कि तुम्हें अपने बच्चे के साथ होना चाहिए।' मैनेजर ने उन पर अपने बच्चे के साथ समय बिताने का दबाव डालते हुए कहा, 'नहीं, आपको प्रीस्कूल जाना चाहिए और अपने बच्चे के साथ समय बिताना चाहिए। यह पहला दिन है, और वह डरा हुआ या चिंतित हो सकता है।'
'भारत में ऐसा कोई मैनेजेर सोचेगा ?'
सौरभ ने इस घटना की तुलना कई भारतीय वर्कप्लेस में प्रचलित रवैये से की। उन्होंने कहा, 'क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई भारतीय प्रबंधक इस तरह सोचेगा? शायद नहीं।' उन्होंने आगे कहा कि कई प्रबंधक तो बस इतना कहेंगे, 'ठीक है, आपने उसे स्कूल छोड़ दिया है, तो अब आपको वहां कुछ और करने की जरूरत नहीं है। चलिए काम जारी रखते हैं।' इसे भारतीय और विदेशी प्रबंधकों के बीच एक बड़ा अंतर बताते हुए, सौरभ ने भारतीय मैनेजर्स से ऐसे उदाहरणों से सीखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'जीवन में कुछ चीजें कार्यालय के काम से ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो पर यूजर्स की कई प्रतिक्रियाएं आईं, जिनमें से कई ने अपने मिलते-जुलते अनुभव साझा किए। एक यूजर ने लिखा, 'मेरा मैनेजर भी विदेशी है, इसलिए मैं इसे पूरी तरह समझ सकता हूं।'
दूसरे ने कहा, 'मेरा मैनेजर भी बिल्कुल ऐसा ही है। लेकिन इस तरह की सहानुभूति को समझना कई भारतीय मैनेजरों के लिए आज भी मुश्किल है।'
तीसरे ने लिखा कि, 'बिल्कुल सही। विदेशी प्रबंधक और यहां तक कि ग्राहक भी अक्सर कहीं बेहतर समझ और सहानुभूति दिखाते हैं।'
चौथे ने लिखा कि, 'मेरा बच्चा अस्पताल में भर्ती था, और मेरे मैनेजर मुझे सिर्फ यह पूछने के लिए फोन करते थे, आप ऑफिस कब आएंगे? इतने दिनों तक घर से काम करना संभव नहीं है।' यूजर ने आगे बताया कि उन्होंने बिना छुट्टी लिए पांच दिनों तक अस्पताल से काम किया, फिर भी मैनेजर सिर्फ यह चेक करते रहे कि उनका टीम्स स्टेटस ग्रीन है या नहीं।
एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, 'भारत में छुट्टी अक्सर तभी दी जाती है जब गंभीर रूप से बीमार या मृत व्यक्ति खून का रिश्तेदार हो।'
एक और यूजर ने बस इतना कहा, 'पूरी तरह सहमत हूं।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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