उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गंगोह क्षेत्र के कलरहेड़ी गांव में टायर गलाकर तेल निकालने वाली एक फैक्टरी से निकलने वाले धुएं और बदबू को लेकर बड़ा विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें फैक्टरी मालिक की मौत हो गई। घटना में दोनों पक्षों के दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
फैक्टरी का धुआं बना विवाद की वजह
पुलिस के अनुसार, इलाके के ग्रामीणों का आरोप है कि इस टायर फैक्टरी से निकलने वाला काला धुआं और दुर्गंध आसपास के गांवों तक फैलती थी, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी होती थी और गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा हो रहा था। इसी समस्या से परेशान होकर शनिवार की रात सलारपुरा, कलरहेड़ी और सनौली के करीब 20 से 25 ग्रामीण फैक्टरी पर पहुंचे और इसे बंद कराने की मांग को लेकर बातचीत करने लगे।
फैक्टरी के अंदर लाठी-डंडों से हमला
बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि उग्र भीड़ ने फैक्टरी के अंदर घुसकर शामली जिले के मन्नामाजरा निवासी फैक्टरी मालिक अरबीन चौहान और उनके भतीजे सादिक पर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस दौरान एक गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए गए।
इलाज के दौरान मालिक की मौत
हमले में अरबीन चौहान और उनके भतीजे सादिक गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में दोनों को गंगोह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान अरबीन चौहान ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया है। इस लड़ाई में दूसरे पक्ष के एक युवक को भी चोटें आई हैं।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
सपी देहात मयंक पाठक के अनुसार शुक्रवार की रात को सलारपुरा, कल्लरहेड़ी और सनौली गांव के काफी सारे लोग फैक्ट्री पर पहुंचे थे। वहां बातचीत के दौरान अचानक बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इस हमले में अरबीन और उनके भतीजे सादिक को गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान अरबीन की मौत हो गई। यह पूरी घटना मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है।
सहारनपुर से खालिद हसन की रिपोर्ट
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