कानपुर: कल्याणपुर में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस उपायुक्त दिनेश त्रिपाठी के अनुसार, रेलवे से रिटायर्ड गार्ड कमलापति तिवारी की उनके ही बेटे गांधी तिवारी और उसके दोस्त ऋषभ शुक्ला ने मिलकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध के पीछे की वजह संपत्ति और धन का लालच बताया जा रहा है।
12 जून से शुरू हुई गुमशुदगी की जांच
मामले की शुरुआत 12 जून 2025 को हुई, जब कमलापति तिवारी की पत्नी ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट कल्याणपुर थाने में दर्ज कराई। शुरू में यह एक सामान्य गुमशुदगी का मामला प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस की सर्विलांस टीम और कल्याणपुर थाने की सतर्कता ने इस रहस्य को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। गहन जांच के बाद पुलिस ने खुलासा किया कि यह गुमशुदगी नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला था।
फिल्म दृश्यम से प्रेरित था हत्या का प्लान
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गांधी तिवारी और उसके दोस्त ऋषभ शुक्ला ने कमलापति तिवारी की हत्या की साजिश रची थी। हत्या को अंजाम देने के बाद, दोनों ने सबूत मिटाने के लिए 2015 की बॉलीवुड फिल्म 'दृश्यम' से प्रेरित होकर योजना बनाई। हत्या के बाद, आरोपियों ने शव को एक गाड़ी में रखकर औरैया ले गए, जहां उसे नहर के किनारे फेंककर पेट्रोल डालकर जला दिया, ताकि कोई सबूत न बचे।
संपत्ति का लालच बना हत्या की वजह
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड का मकसद कमलापति तिवारी की संपत्ति हड़पना था। रिटायर्ड गार्ड कमलापति के पास पेंशन के अलावा आठ दुकानों से मिलने वाला किराया था। बेटा गांधी तिवारी इस संपत्ति और धन पर कब्जा करना चाहता था, जिसके लिए उसने अपने पिता को रास्ते से हटाने का क्रूर कदम उठाया।
आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने गांधी तिवारी और ऋषभ शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। इस मामले ने एक बार फिर साबित किया है कि संपत्ति का लालच इंसान को किस हद तक अमानवीय बना सकता है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्यों को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। (इनपुट- अनुराग श्रीवास्तव)
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