1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. 5 साल के मासूम बच्चे को जहरीले सांप ने डसा, परिजनों की सूझबूझ से बच गई जान

5 साल के मासूम बच्चे को जहरीले सांप ने डसा, परिजनों की सूझबूझ से बच गई जान

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Aug 02, 2026 12:57 pm IST,  Updated : Aug 02, 2026 12:59 pm IST

कानपुर में एक 5 साल के बच्चे को घर के बाहर खेलते समय जहरीले सांप ने डस लिया, इसके बाद घरवालों को घटना जैसे ही पता चला उन्होंने बच्चे को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाटमपुर पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए उपचार करते हुए बच्चे की जान को बचा लिया।

Five year old child was bitten by a snake- India TV Hindi
5 साल के बच्चे को सांप ने कांटा Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के कानपुर में घाटमपुर क्षेत्र में एक पांच साल मासूम बच्चे की जान पर उस समय बन आई, जब घर के बाहर खेलते समय उसे एक जहरीले सांप ने डस लिया। बच्चे के रोने पर घरवालों को घटना का पता चला लेकिन परिजनों की समझदारी और डॉक्टरों की तत्परता ने एक बड़ा हादसा टाल दिया। बताते चले कि इस घटना के बाद बच्चे के परिजनों ने घबराने की बजाय पहले सांप की फोटो अपने मोबाइल फोन में कैद की और फिर बच्चे को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) घाटमपुर पहुंचाया। डॉक्टरों ने फोटो देखकर सांप की पहचान की और बिना समय गंवाए एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन देकर इलाज शुरू कर दिया। समय पर उपचार मिलने से मासूम की जान बच गई और अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

घर के बाहर खेलते समय हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना घाटमपुर क्षेत्र के मुगुलपुर गांव की है। गांव निवासी सौरभ सचान का पांच साल का बेटा सात्विक सचान एक अगस्त की रात घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान झाड़ियों में छिपा एक जहरीला सांप बाहर निकला और उसने सात्विक के पैर में काट लिया। सांप के डसते ही बच्चा जोर-जोर से रोने लगा। उसकी आवाज सुनकर परिजन दौड़कर मौके पर पहुंचे और स्थिति को समझने की कोशिश की।

घबराने के बजाय दिखाई समझदारी

परिजनों ने घबराकर झाड़-फूंक या घरेलू इलाज का सहारा लेने के बजाय पहले सांप की मोबाइल से फोटो खींची। इसके बाद बिना समय गंवाए बच्चे को लेकर सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाटमपुर पहुंच गए। अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने डॉक्टरों को सांप की तस्वीर दिखाई, जिससे चिकित्सकों को यह समझने में आसानी हुई कि किस प्रकार का सांप था और किस तरह का उपचार तुरंत शुरू किया जाना चाहिए।

फोटो देखकर डॉक्टरों ने शुरू किया सही इलाज

घटना के बाद अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने सांप की तस्वीर के आधार पर उसकी पहचान की और तत्काल एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन लगाया। साथ ही बच्चे की लगातार निगरानी की गई। इलाज का असर जल्दी दिखाई दिया और कुछ ही समय में उसकी हालत में सुधार होने लगा। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने और सही इलाज मिलने की वजह से बच्चे की जान बचाई जा सकी।

लगातार बारिश के कारण बढ़ा खतरा

घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉ. पवन सचान ने बताया कि लगातार हो रही बारिश और मौसम में बदलाव के कारण सांप अपने बिलों से निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर आ रहे हैं। ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों को झाड़ियों, खेतों और पानी भरे स्थानों के आसपास अकेले खेलने से बचाना चाहिए।

झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचें

डॉक्टरों ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें। मरीज को जितनी जल्दी हो सके नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। यदि सुरक्षित दूरी से संभव हो तो सांप की फोटो ले लेना डॉक्टरों के लिए उपचार तय करने में सहायक हो सकता है, लेकिन सांप को पकड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

(रिपोर्ट - अनुराग श्रीवास्तव)

ये भी पढ़ें

नोएडा के सेक्टर-123 में ट्यूबवेल की टंकी में गिरकर 4 साल के बच्चे की मौत, अथॉरिटी पर लापरवाही का आरोप

सीतापुर में सनसनी, कोर्ट से घर लौटी बहन को भाई ने उतारा मौत के घाट, धारदार हथियार से की हत्या

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।