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बारिश में भरभराकर गिरा जर्जर मकान, बाल-बाल टला बड़ा हादसा; सामने आया VIDEO

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Aug 29, 2026 05:37 pm IST,  Updated : Aug 29, 2026 05:37 pm IST

कानपुर में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश देखने को मिल रही है, जिसमें यहां एक सालों पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया, जिसमें मकान का हिस्सा ढहते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी देखने को मिली।

Kanpur- India TV Hindi
कानपुर में भरभराकर गिरी बिल्डिंग। Image Source : REPORTER INPUT

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में लगातार हो रही बारिश के बीच जर्जर इमारतें खतरे की घंटी बनती जा रही हैं। 29 अगस्त की सुबह बिरहाना रोड स्थित नील वाली गली में सालों पुराना एक जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया। तेज आवाज के साथ मकान का हिस्सा ढहते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त मकान के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। कानपुर में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण पुराने और जर्जर भवनों पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। 29 अगस्त की सुबह शहर के व्यस्त इलाके बिरहाना रोड स्थित नील वाली गली में एक पुराना मकान अचानक ढह गया। मकान के गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

कई सालों पुराना था ट्रस्ट का मकान

कानपुर में बिरहाना रोड के पास रहने वाले स्थानीय लोगों के अनुसार, गिरा हुआ मकान कई सालों पुराना था और ट्रस्ट की संपत्ति बताया जा रहा है। मकान लंबे समय से जर्जर हालत में था। इसकी दीवारों और अन्य हिस्सों में पहले से ही दरारें दिखाई दे रही थीं। बताया गया कि इस मकान में मुन्नी देवी अपने दो बेटों के साथ रहती थीं। हालांकि, वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ कोलकाता में रह रही हैं। इस वजह से हादसे के वक्त मकान खाली था और कोई जनहानि नहीं हुई।

बारिश से लगातार कमजोर हो रहा था ढांचा

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण मकान की स्थिति दिनों-दिन खराब होती जा रही थी। बारिश का पानी और नमी जर्जर ढांचे को कमजोर कर रहे थे। 29 अगस्त की सुबह अचानक मकान का एक हिस्सा तेज आवाज के साथ भरभराकर गिर पड़ा, मकान के गिरने के बाद आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों को आशंका थी कि कहीं मलबे के नीचे कोई दबा ना हो, जिसके बाद आसपास के लोगों ने तत्काल घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई।

हादसे के वक्त घर में कोई नहीं था

सबसे राहत भरी बात यह रही कि जिस समय मकान का हिस्सा गिरा, उस वक्त उसके अंदर कोई मौजूद नहीं था। अगर परिवार मकान में रह रहा होता या घटना के दौरान कोई व्यक्ति अंदर होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, मकान की जर्जर स्थिति को देखते हुए इसके गिरने की आशंका पहले से बनी हुई थी। लगातार बारिश के बाद खतरा और बढ़ गया था।

पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक कार्रवाई शुरू कराई। नगर निगम की टीम ने मलबा हटाने का काम शुरू किया। साथ ही आसपास के क्षेत्र की स्थिति का भी जायजा लिया गया, ताकि किसी अन्य हिस्से के गिरने से कोई अप्रिय घटना ना हो। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय सभासद विकास जायसवाल ने भी स्थिति का संज्ञान लिया। उन्होंने नगर निगम की टीम को मौके पर बुलाकर गिरे हुए मकान का मलबा हटाने के निर्देश दिए। मलबा हटाने के दौरान आसपास के लोगों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया, क्योंकि जर्जर ढांचे के अन्य हिस्सों के गिरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

लगातार बारिश में जर्जर भवन बने खतरे की घंटी

कानपुर में बारिश के दौरान पुराने और जर्जर मकानों की स्थिति एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। शहर के कई पुराने इलाकों में ऐसे भवन मौजूद हैं, जिनकी हालत काफी खराब है और लगातार बारिश के कारण इनके कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। बिरहाना रोड की नील वाली गली में हुई यह घटना भले ही किसी जनहानि के बिना टल गई हो, लेकिन इसने जर्जर भवनों की समय रहते पहचान और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

(रिपोर्ट - अनुराग श्रीवास्तव)

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