1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. ITBP जवान की मां का हाथ कटने के मामले में बड़ा मोड़, 36 घंटे में बदली जांच रिपोर्ट; इलाज में लापरवाही के संकेत

ITBP जवान की मां का हाथ कटने के मामले में बड़ा मोड़, 36 घंटे में बदली जांच रिपोर्ट; इलाज में लापरवाही के संकेत

 Published : May 25, 2026 02:37 pm IST,  Updated : May 25, 2026 02:39 pm IST

उत्तर प्रदेश के कानपुर में ITBP जवान की मां का हाथ कटने के मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। 36 घंटे में मामले की जांच रिपोर्ट बदल गई है। मामले में इलाज में लापरवाही के संकेत मिले हैं।

kanpur itbp jawan mother hand cut- India TV Hindi
कानपुर में ITBP जवान की मां का हाथ कटने का मामला। Image Source : REPORTER

उत्तर प्रदेश के कानपुर आईटीबीपी जवान की मां का इलाज के दौरान हाथ काटने का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट पर उठे सवालों के बाद महज 36 घंटे के भीतर दोबारा जांच कराई गई, जिसमें इलाज प्रक्रिया को लेकर कई अहम बिंदु सामने आए हैं। नई जांच रिपोर्ट के आधार पर अब पुलिस मामले में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही है। वहीं, इस प्रकरण को लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस कमिश्नर ने भी आईटीबीपी के महानिदेशक को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया है।

क्या है पूरा मामला?

महाराजपुर स्थित आईटीबीपी की 32वीं बटालियन में तैनात जवान विकास सिंह ने अपनी मां निर्मला देवी को 13 मई को तब अस्पताल में भर्ती कराया था, जब उन्हें अचानक सांस लेने में परेशानी हुई थी। परिजनों के मुताबिक उन्हें उपचार के लिए कृष्णा अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उनके हाथ में सूजन शुरू हो गई। शुरुआत में सामान्य समस्या मानकर इलाज जारी रखा गया, लेकिन कुछ ही समय में हाथ की स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी।

जवान की मां का हाथ काटना पड़ा

परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को समय रहते नहीं समझा। हाथ में लगातार बढ़ती सूजन और संक्रमण को लेकर जब हालत ज्यादा खराब हुई तो उन्हें दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया। बाद में उन्हें पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि हाथ में संक्रमण और रक्त प्रवाह प्रभावित होने के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। हालत ऐसी हो गई कि मरीज की जान बचाने के लिए 17 मई को उनका हाथ काटना पड़ा।

आइस बॉक्स में मां का हाथ लेकर घूमा जवान

इस घटना के बाद मामला भावनात्मक और संवेदनशील बन गया, जब विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ आइस बॉक्स में लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। इस दृश्य ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच कमेटी गठित की गई थी।

ITBP कमांडेंट 50 जवानों संग कमिश्नर ऑफिस पहुंचे

शुक्रवार को आई पहली जांच रिपोर्ट में संक्रमण के कारणों को स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया था, जिससे परिवार और आईटीबीपी अधिकारियों ने नाराजगी जताई। मामले में पारदर्शिता की मांग तेज हुई और शनिवार को आईटीबीपी के एक कमांडेंट लगभग 50 जवानों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने दोबारा मेडिकल जांच कराने का निर्णय लिया।

जांच में क्या सामने आया?

रविवार को गठित टीम ने इलाज से जुड़े डॉक्टरों से पूछताछ की और मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा की। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि मरीज की नसों में ब्लड क्लॉट बनने से हाथ में दबाव और सूजन लगातार बढ़ती गई थी। मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते वैस्कुलर सर्जन की राय ली जाती और आवश्यक सर्जिकल हस्तक्षेप किया जाता तो स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता था और हाथ काटने जैसी नौबत टाली जा सकती थी।

दूसरी ओर, पुलिस कमिश्नर ने आईटीबीपी के विरोध प्रदर्शन और पूरे घटनाक्रम को लेकर महानिदेशक आईटीबीपी को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी है। अब नई मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित लोगों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है। (रिपोर्ट: अनुराग श्रीवास्तव)

ये भी पढ़ें- कानपुर: पुलिस कमिश्नर ऑफिस में घुसे 40-50 ITBP जवान, नहीं रोक पाए पुलिसकर्मी, एक जवान की मां का हाथ कटने से नाराजगी

'यूपी में योगी आदित्यानाथ लगाएंगे जीत की हैट्रिक, 2027 में फिर से बनेगी भाजपा सरकार', तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।