रिक्शा चलाते हुए तीन लोगों के एक बंगाली परिवार का एक छोटा सा वीडियो सोशल मीडिया पर दिल जीत रहा है, जिसमें देखने वाले एक आम पल में कैद इस प्यार और खुशी को देखकर खिंचे चले आ रहे हैं। 20 सेकंड की इस क्लिप में चश्मा पहने एक आदमी, मैजेंटा साड़ी पहनी एक महिला और उनका छोटा बेटा एक पतली गली में LED लाइट के नीचे एक साथ मुस्कुराते हुए दिख रहे हैं। वीडियो पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान का बताया जा रहा है।
एक्स पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को एक्स पर @peek_humour हैंडल से शेयर किया गया है। वायरल हो रहे इस वीडियो में एक तीन लोगों का परिवार रिक्शा पर सवार है, जहां ऊपर दुर्गा पूजा की रंग-बिरंगी LED लाइट्स जगमगा रही हैं। बैकग्राउंड में लोकप्रिय बंगाली गाना 'Dugga Ma Asche' बज रहा है। वीडियो की सबसे खूबसूरत बात इसका संवाद है। पिता अपनी पत्नी से बंगाली में पूछते हैं, "और वो लाइनें तुम्हें अभी भी याद हैं? थोड़ा सा गा के सुनाओ ना।" इसके बाद पत्नी हल्की सी शरमाते हुए गुनगुनाने लगती है, जैसे हम सभी अक्सर रील्स या गानों के साथ गुनगुनाते हैं। उनका बेटा दोनों के बीच बैठा मुस्कुरा रहा है। न कोई महंगा आउटफिट, न कोई स्क्रिप्टेड पोज बस एक सच्ची, बिना मिलावट वाली खुशी।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
वीडियो को देखने के बाद लोगों ने इस पर अलग-अलग अंदाज में प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, "ये नजारे इन इलाकों में काफी नॉर्मल हैं। आज भी। छोटी-छोटी चीजों में खुशी ढूंढ़ना। ऐसे पलों में खुश रहना। दूसरे लोग इसे 'एस्पिरेशन की कमी' कहते हैं। हम इसे ज़िंदगी कहते हैं।"
एक और कमेंट में कहा गया, "आज के जागरूक फेमिनिज़्म ने इसे खत्म कर दिया है।"
एक व्यूअर को लगा कि क्लिप लोगों को पसंद आई क्योंकि साथ में ऐसे पल अब कम लगते हैं, उन्होंने लिखा, "लोग इस सिंपल वीडियो को देखकर इसलिए इतने खुश हैं क्योंकि आज के समय में परिवार की असली खुशी बहुत कम मिलती है। एक समय था जब परिवार बिना किसी खास मौके के साथ मिलकर ज़िंदगी मनाते थे।"
एक और व्यक्ति ने लिखा, "कल से यह मेरे फ़ीड पर 30+ बार आया होगा, और हर बार मैंने इसे स्क्रॉल करने से पहले आखिर तक ऑटोप्ले होने दिया।"
एक दर्शक ने कमेंट किया, "मैं कभी यहां छोटा लड़का था, अब मैं पिता हूं। सिर्फ 20 सेकंड में मेरी जिंदगी के दो दौर।"
एक कमेंट में लिखा था, "जिस आदमी की पत्नी खुश हो और बच्चा देखभाल करता हो, वह दुनिया के सबसे अमीर आदमी से भी ज़्यादा अमीर होता है।"
एक और ने इसे और आसान शब्दों में कहा, "परिवार इंसानियत की सबसे बड़ी संस्था है। इसे सेलिब्रेट करना चाहिए। इसे बनाए रखना आसान नहीं है, लेकिन ज़िंदगी में कुछ भी अच्छा आसान नहीं होता।
एक मिडिल-इनकम वाला परिवार, प्यार में डूबे पति-पत्नी, और एक बेटा जो यह जानता है और अपने माता-पिता से मिलने वाले प्यार और सिक्योरिटी से सुरक्षित महसूस करता है।"
छोटे से मोमेंट ने लोगों के दिलों को छुआ
दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बंगालियों के लिए एक एहसास है। यह 'उमा' यानी देवी दुर्गा के अपने मायके आने का उत्सव है। इस वीडियो ने उसी एहसास को पकड़ा है। इंटरनेट पर लोगों ने लिखा कि यह वीडियो उन्हें अपने बचपन में ले गया, जब दुर्गा पूजा के दौरान माता-पिता के साथ रिक्शा या पैदल पंडाल घूमना ही सबसे बड़ी खुशी होती थी। हाथ में एक छोटी सी गुब्बारा, आइसक्रीम और चारों तरफ लाइट्स उस सादगी में जो सुकून था, वो आज के महंगे आयोजनों में नहीं मिलता। ऐसे वीडियो इसलिए वायरल होते हैं क्योंकि ये हमें याद दिलाते हैं कि खुशी बड़ी चीजों में नहीं, छोटी-छोटी पलों में होती है। आज जब हर कोई परफेक्ट फोटो और स्टेटस दिखाने में लगा है, इस परिवार की बिना फिल्टर वाली हंसी एक राहत बनकर आई है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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