British Tourist Video : एक ब्रिटिश आर्किटेक्ट ने अपने हालिया दौरे के दौरान चंडीगढ़ को 'भारत जैसा नहीं' बताया। इसके बाद सोशल मीडिया पर हलचल मच गई है। 'फर्स्ट इंप्रेशन्स चंडीगढ़' शीर्षक वाले एक इंस्टाग्राम वीडियो में रसेल हेंडरसन नाम के यूजर ने शहर की साफ-सुथरी और व्यवस्थित सड़कों को देखकर आश्चर्य व्यक्त किया, जो कूड़े-कचरे से पूरी तरह मुक्त थीं। ब्रिटेन, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया में काम करने के बाद वर्तमान में तंजानिया में रह रहे हेंडरसन भारत के उस पहलू से मोहित हो गए हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @architect.russell नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में आर्किटेक्ट ने कहा कि, 'पहली नज़र में, इसे देखिए। क्या आपको सच में लगता है कि यह भारत का कोई शहर है? यह तो अविश्वसनीय है। भारत में आप ऐसी किसी चीज़ की उम्मीद नहीं करेंगे। देखिए यह शहर कितना व्यवस्थित है। यहां भी दुगनी सड़क यातायात है, वहाँ भी दुगनी सड़क यातायात है। उसे देखो, वहाँ साइकिल के संकेत हैं। भारत में मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा। शहर की शहरी योजना यह सुनिश्चित करती है कि यह निकट भविष्य में भीड़भाड़ से मुक्त रहेगा। साइकिलें, पैदल यात्री, एकदम सही।'
सफाई देखकर हुए बेहद इंप्रेस
ब्रिटिश आर्किटेक्ट ने कहा कि, 'जैसा कि आप देख सकते हैं, यह एक बहुत ही सुनियोजित शहर है। पर्याप्त जगह है, बिल्कुल भी भीड़भाड़ नहीं है। पर्याप्त पार्किंग है, पर्याप्त सड़कें हैं। मुझे लगता है कि आने वाले कई सालों तक यहाँ भीड़भाड़ नहीं होगी। यह पूरी तरह से साफ और सुरक्षित है। मैं दिन-रात अपने कैमरे के साथ घूमता रहता हूं। लेकिन देखिए, यह कितना साफ है। मुझे कहीं भी कूड़ा-कचरा नज़र नहीं आता।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस पोस्ट को देखने के बाद कई यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा कि, 'चंडीगढ़ का नागरिक होने पर गर्व है।' दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'आप शहर के बीचोंबीच चल रहे हैं। 20 साल पहले यह जगह बहुत चहल-पहल वाली हुआ करती थी, लेकिन अब यहां सिर्फ सरकारी दफ्तरों की इमारतें ही इमारतें हैं, पहले जैसी रौनक नहीं रही। चंडीगढ़ आने के लिए धन्यवाद, उम्मीद है आपका यहां अच्छा समय बीता होगा/बीतेगा।' तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'चंडीगढ़ शायद देश में रहने के लिए सबसे अच्छी जगह है, शहर का बाजार इसे दर्शाता है।' चौथे यूजर ने लिखा कि, 'चंडीगढ़ में स्थानीय लोग पैदल चलते हैं, हम साइकिल चलाते हैं, हम सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा नहीं फेंकते, हम ज्यादातर शाम 6 बजे के बाद या सुबह जल्दी पार्कों में रहते हैं। यहाँ कूड़ा-कचरा न होने का कारण यह है कि यह एक छोटा शहर है जिसे केंद्र सरकार से शहर के रखरखाव के लिए अच्छा बजट मिलता है और यह दो राज्यों (पंजाब और हरियाणा) की साझा राजधानी है, जिसका मतलब है कि दोनों राज्यों के सभी बड़े सरकारी कार्यालय यहीं स्थित हैं।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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