Viral Video : ट्रेन में सफर करते समय अक्सर ऐसा होता है जब सफर कर रहे यात्रियों से कुछ सामान फर्श पर गिर जाता है। हालांकि, ऐसे में कुछ यात्री तो उसी समय सफाईकर्मियों को बुलाकर सफाई करा देते हैं मगर, कई बार कुछ यात्री उस गंदगी को वैसा ही छोड़ देते हैं। मगर, इन दिनों जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें एक शख्स ने अपने बेटे द्वारा ट्रेन में चिप्स गिराने की एक छोटी सी घटना को एक सीख के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने खुद चिप्स साफ करने या ट्रेन कर्मचारियों की मदद लेने के बजाय अपने छोटे बेटे को चिप्स उठाने में मार्गदर्शन किया।
इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @travelwithsamalvlogs नामक हैंडल से शेयर किया गया है। यह घटना तब घटी जब समल अपने दो साल के बेटे के साथ ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। खेलते-खेलते बच्चे ने फर्श पर चिप्स बिखेर दिए, उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि इस तरह की गंदगी नहीं फैलानी चाहिए। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि, 'एक पल के लिए मेरे पास एक आसान विकल्प था। मैं चुपचाप इसे खुद साफ कर सकता था। इसमें बस कुछ ही सेकंड लगते। किसी का ध्यान नहीं जाता। कोई असुविधा नहीं होती। लेकिन मैं रुक गया। क्योंकि कभी-कभी सुविधा सबक छीन लेती है।' उसने अपने बेटे से पूछा कि फर्श पर गिरी हुई चीज़ों को कौन साफ करेगा। बच्चे के असमंजस भरे चेहरे को देखकर, समल ने उसे प्यार से समझाया कि ऐसी स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए। मैंने समझाया, 'यह हमारा घर नहीं है, लेकिन फिर भी यह हमारी जगह है। यह ट्रेन हम सबकी है। जब हम गंदगी फैलाते हैं, तो किसी और को उसे साफ करना पड़ता है।' तभी सन्नाटा छा गया। फिर धीरे से वह झुका और चिप्स उठा लिए। अब वायरल हो रहे इस वीडियो में, सामल का बेटा धीरे-धीरे चिप्स उठाते और उन्हें ट्रे पर ढेर के रूप में रखते हुए दिखाई दे रहा है।
पैरेंटिंग की तारीफ करने लगे यूजर्स
इस वीडियो को देखने के बाद कई यूजर्स ने पैरेंटिंग की तारीफ की है। वीडियो को 1.5 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और जमकर लाइक्स बरसे हैं। वीडियो में शख्स ने कहा कि, 'कोई डांट-फटकार नहीं, कोई गुस्सा नहीं। बस एक पल की समझदारी। और उस छोटे से काम में एक बड़ा सबक छिपा था। स्वच्छता निर्देशों से नहीं सिखाई जाती। सिविक सेंस नारों से नहीं बनती। यह रोजमर्रा के पलों में आकार लेती है।' दूसरे ने लिखा कि, 'भारतीय रेलवे से प्रतिदिन लाखों लोग यात्रा करते हैं। ट्रेनों को साफ रखना केवल कर्मचारियों का कर्तव्य नहीं है, यह एक साझा जिम्मेदारी है।' तीसरे ने कहा कि, 'बहुत बढ़िया! आपके लिए यह दर्दनाक रहा होगा, लेकिन इसी तरह से भविष्य संवारा जाता है।' चौथे यूजर ने लिखा कि, 'इस तरह के पालन-पोषण पर गर्व है। हर किसी को इससे कुछ सीखना चाहिए।' पांचवें यूजर ने लिखा कि, 'किसी व्यक्ति को यह सिखाने का सबसे अच्छा तरीका है कि अपना कचरा, अपनी जिम्मेदारी अधिकांश भारतीयों में इस बुनियादी समझ की कमी है। माता-पिता के रूप में बहुत अच्छा काम किया।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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