जापान में काम करने वाले एक भारतीय व्यक्ति ने जापान के प्रो-एम्प्लॉई वर्क कल्चर पर मजेदार अंदाज में शिकयत की है। शख्स की प्रतिक्रिया पर यूजर्स ने भी उसे एक से एक बढ़कर जवाब दिए। हाइब्रिड वर्किंग सिस्टम, पेड ओवरटाइम, वीकेंड और एक्स्ट्रा बोनस जैसी कई सुविधाओं का हल्के-फुल्के अंदाज में ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसी वजह से वे अपनी नौकरी से 'पूरी तरह से तंग' आ चुके हैं। शख्स ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने पिछले 11 वर्षों से जापान में काम करने के अपने अनुभव के बारे में बात की।
'मेरा मैनेजर मुझे वीकेंड पर भूल जाता है'
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @ajaypandey.z नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में शख्स ने कहा कि, 'यहां आए हुए मुझे कई साल हो गए हैं, और सच कहूं तो जापान में काम करना बेहद मुश्किल है। मुझे यहां का वर्क कल्चर बिल्कुल खराब लगता है। मुझे हफ्ते में सिर्फ तीन दिन ऑफिस जाना पड़ता है और बाकी दो दिन घर से काम करना पड़ता है। वीकेंड में ओवरटाइम भी नहीं मिलता, इसलिए मुझे अपना समय कैंपिंग या बाइक राइडिंग में बिताना पड़ता है।' अपने मजेदार अंदाज को जारी रखते हुए उन्होंने शिकायत की कि उनका मैनेजर वीकेंड में उनसे कभी संपर्क नहीं करता था। वे बोले कि, 'मैं अपने मैनेजर से सचमुच नाराज हूं क्योंकि वह वीकेंड में कभी मुझे फोन नहीं करता या मेरे बारे में सोचता भी नहीं। पिछले 11 सालों से वह हर वीकेंड मुझे फ्रेंड-ज़ोन में रखता है। कम से कम कभी-कभार मुझे काम पर बुला तो लो। हर सप्ताहांत इसी तरह बर्बाद हो जाता है।'
जापान में कैसा है ओवरटाइम सिस्टम ?
उन्होंने मजाक में जापान की ओवरटाइम प्रणाली की भी आलोचना करते हुए कहा कि अतिरिक्त काम को बड़ी मुश्किल से मंजूरी मिलती है और कर्मचारियों को उनके द्वारा काम किए गए हर 15 मिनट के लिए भुगतान किया जाता है। उन्होंने कहा, 'जब मैं ओवरटाइम का अनुरोध करता हूं, तो उसे भी बड़ी मुश्किल से मंजूरी मिलती है और जब वे आखिरकार मंजूरी देते हैं तो वे मुझे मेरे द्वारा काम किए गए हर 15 मिनट के लिए भुगतान करते हैं।' वे आपको दो या तीन महीने की सैलरी यूं ही दे देते हैं।
जापान के दफ्तरों में बोनस की व्यवस्था जानें
इसके बाद शख्स ने जापान में मिलने वाले वर्कप्लेस बोनस की तुलना भारत में दीपावली के पारंपरिक उपहारों से की। वे बोले कि, 'जापान में दिवाली का कोई बोनस भी ठीक से नहीं मिलता—लड्डूओं का एक डिब्बा या एक पेन भी नहीं। इसके बजाय, वे बस दो या तीन महीने की सैलरी बोनस के रूप में दे देते हैं। सच कहूं तो मैं जापान में काम करते-करते पूरी तरह से तंग आ चुका हूं।' उन्होंने वीडियो क्लिप को 'जापान का वर्क कल्चर' कैप्शन के साथ शेयर किया गया था।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को देखने के बाद दर्शकों ने मज़ाकिया प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा कि, 'मुझे तो बिल्कुल इसी तरह का ज़हरीला कार्य माहौल चाहिए।'
दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'कृपया तुरंत इस्तीफा दे दीजिए और मुझे अपनी इस पद के लिए सिफारिश कर दीजिए।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'हर 15 मिनट के ओवरटाइम के लिए पैसे मिलना सच में असहनीय लगता है।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'दो या तीन महीने की सैलरी बोनस के रूप में? वाह!'
गौरतलब है कि, ये पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय मूल के व्यक्ति ने विदेशों के ऑफिस कल्चर पर वीडियो बनाया है। इससे पहले एक शख्स ने नीदरलैंड में ऑफिस कल्चर के बारे में बताया था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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