वैश्वीकरण, एमएनसी कंपनियों के विस्तार और विदेशों में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों के अनुभवों के कारण भारतीय और विदेशी ऑफिस कल्चर की तुलना लगातार होती रहती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट्स में भारतीय ऑफिसों की लंबी घंटे, हायरार्की, देर रात कॉल्स और वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी की चर्चा आम है। इसके विपरीत, अमेरिका, यूरोप या स्वीडन जैसे देशों में सख्त 8 घंटे, ओवरटाइम पे, सम्मानजनक ब्रेक और कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता दी जाती है। इन दिनों एक भारतीय महिला का वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमें उसने बताया है कि, भारतीय ऑफिसों से नीदरलैंड के ऑफिसों का कल्चर कितना अलग है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @desidutchie नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो के कैप्शन में महिला ने दस ऐसे पहलुओं को सूचीबद्ध किया है जो उन्हें सबसे अलग लगे। उनके द्वारा बताए गए अंतर इस प्रकार हैं:
- काम और निजी जीवन के बीच संतुलन का पूरा सम्मान किया जाता है। मेरा वर्किंग डे खत्म होने का मतलब है खत्म। ऑनलाइन रहने की कोई अपेक्षा नहीं होती।
- परिवार सर्वोपरि है। बच्चों को स्कूल से लाना या पैतृक अवकाश लेना कोई अपराध नहीं है यह सामान्य बात है।
- ओवरटाइम करना कोई सम्मान की बात नहीं है। ज़्यादा देर काम करने की बजाय स्मार्ट तरीके से काम करने को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
- मीटिंग समय पर शुरू और समाप्त होती हैं। लोगों के शामिल होने का इंतजार करने में घंटों बर्बाद नहीं होते।
- सवैतनिक अवकाश को प्रोत्साहित किया जाता है। लोग छुट्टियों में पूरी तरह से आराम करते हैं और उनका आनंद लेते हैं।
- आपका मैनेजर आप पर भरोसा करता है। कम दखलअंदाज़ी, ज़्यादा ज़िम्मेदारी और जवाबदेही।
- मानसिक स्वास्थ्य मायने रखता है। अस्वस्थ होने पर छुट्टी लेना स्वीकार्य है।
- सरल हायरार्की के तहत आप अपने प्रबंधक से सम्मानपूर्वक असहमत हो सकते हैं और आपकी बात सुनी जाएगी।
- अनुकूल वर्किंग स्टाइल में हाइब्रिड कार्य और अनुकूल घंटे जीवन को आसान बनाते हैं।
- उपस्थिति से ज्यादा प्रदर्शन मायने रखता है। आपको आपके परिणामों के लिए महत्व दिया जाता है, न कि सबसे लंबे समय तक डेस्क पर बैठने के लिए।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस वीडियो के वायरल होने के बाद इस पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दीं, जिनमें से कई ने विदेश में रोजगार के अवसरों और ऑफिस कल्चर पर चर्चा की। एक यूजर ने लिखा कि, 'मुझे वीजा प्रायोजित नौकरी कैसे मिल सकती है?'
दूसरे ने लिखा कि, 'मैडम, आपका प्रोफेशन क्या है?'
तीसरे ने लिखा कि, 'हां, सहमत हूं।'
गौरतलब है कि, ये पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय मूल के व्यक्ति ने विदेशों के ऑफिस कल्चर पर वीडियो बनाया है। इससे पहले एक महिला ने न्यूजीलैंड में ऑफिस कल्चर के बारे में बताया था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -
भारत से कितना अलग है अमेरिका के ऑफिस का वर्क कल्चर? भारतीय शख्स के दावों पर यूजर्स ने किया रिएक्ट