Highrise Apartment Video : मुंबई के एक शख्स ने दावा किया है कि 90,000 रुपये प्रति माह किराया देने के बावजूद वह और उनकी ऊंची इमारत वाली सोसाइटी के अन्य निवासी पानी की कमी से जूझ रहे हैं। इंस्टाग्राम पर निखिल नाम के एक व्यक्ति ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उसने अपनी सोसायटी की स्थिति के बारे में बात की और कहा कि इस मुद्दे ने निवासियों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल बना दी है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @nik.arvn नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इस वीडियो में निखिल ने कहा, 'मुंबई में जिस सोसाइटी में मैं रहता हूं, उसका किराया 70 हजार रुपये प्रति माह से शुरू होता है। बस शुरुआत है। और जिस फ्लैट में मैं रहता हूं, उसका किराया 90 हजार रुपये प्रति माह है, भाई। फिर भी हमारे पास पानी नहीं है। मतलब, मुंबई में बारिश नहीं हो रही है और बीएमसी न जाने कितना पानी भेज रही है, कभी भी बंद हो जाता है।' उन्होंने आगे कहा कि, 'सोसाइटी पानी के टैंकरों का इंतजाम कर रही है, लेकिन समस्या इतनी बड़ी है कि इसे आसानी से संभालना मुश्किल है। हमारी सोसाइटी टैंकर मंगवा रही है। लेकिन वे कितने टैंकर मंगवाएंगे? इतने सारे फ्लैट हैं भाई। यह 37 मंजिला सोसाइटी है और इसमें दो टावर हैं। इतने सारे लोग रहते हैं, इतने सारे परिवार रहते हैं, कोई कितने टैंकर मंगवा सकता है?'
सोशल मीडिया पर निराशा व्यक्त की
निखिल ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि इतना अधिक किराया देने के बावजूद उन्हें पानी का इस्तेमाल बहुत सावधानी से करना पड़ रहा है। वे बोले कि, 'भाई, मुंबई... मुंबई में तो अजीबोगरीब चीजें हो रही हैं। इतना अधिक किराया देने के बावजूद मैं पानी का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर कर रहा हूँ। मतलब, ये तो बिलकुल ही हास्यास्पद है। पानी की आपूर्ति अजीब समय पर बंद हो जाती है। रात 12 बजे पानी बंद हो जाता है। खैर, मुझे खाना तो पकाना ही पड़ता है। वे रात में भी पानी बंद कर देते हैं। मतलब, मान लीजिए कि रात में अचानक कोई आपात स्थिति आ जाए और आपको वॉशरूम जाना हो, तो पानी नहीं मिलेगा।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस वीडियो को देखने के बाद इस पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा कि, 'यही मुंबई की सच्चाई है। आप प्रीमियम किराया देते हैं, लेकिन फिर भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है।' दूसरे यूजर ने लिखा कि, '90,000 रुपये किराया और पानी की सुविधा न होना वाकई चौंकाने वाला है। लोग किसलिए किराया दे रहे हैं?' तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'यह सिर्फ समाज की समस्या नहीं है। पूरे शहर को बेहतर योजना की जरूरत है।” एक अन्य ने कहा, “इतने बड़े आवासीय टावरों के लिए टैंकर स्थायी समाधान नहीं हो सकते।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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