भिंड: भारतीय संस्कृति में बंदरों का खास महत्व है। उन्हें हनुमान जी का दूत माना जाता है। शुभ कामों में अगर कोई बंदर उपस्थित हो तो लोग मानते हैं कि हनुमान जी की कृपा बरस रही है। मध्य प्रदेश के भिंड से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें एक बंदर ने बारात आगमन के मौके पर दूल्हे का स्वागत किया और उसकी गोद में जाकर बैठ गया। ये मामला इलाके में भी चर्चा का विषय रहा। इसका वीडियो भी सामने आया है।
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क्या है पूरा मामला?
25 अप्रैल को यूपी के फर्रुखाबाद जिले के मोहल्ला सिकत्तरबाग निवासी रजत द्विवेदी (दूल्हा) की बारात, मध्य प्रदेश के भिंड स्थित विशाल मैरिज गार्डन में आई थी। बारात जब मैरिज गार्डन पहुंची तो उसका स्वागत किया गया और द्वारचार की रस्म अदा की जाने लगी। इस दौरान जब दूल्हा पूजा में बैठा तो अचानक एक बंदर मौके पर आ गया और दूल्हे की गोद में बैठ गया।
दूल्हे ने भी संयम बरता और बंदर को हटाने की कोशिश नहीं की। इसके बाद बंदर दूल्हे के कंधे पर भी बैठ गया। मौके पर पूजा होती रही और बंदर, दूल्हे के साथ बैठा रहा। उसने न किसी को नुकसान पहुंचाया और न कोई शरारत की। हैरानी की बात ये भी रही कि बंदर ने मौके पर रखी कोई भी खाने की चीज भी नहीं उठाई और पूजा होते हुए देखता रहा और दूल्हे का हाथ पकड़ा रहा।
इस नजारे को देखकर मौके पर मौजूद लोग कहने लगे कि ये बंदर, दूल्हे को आशीर्वाद देने के लिए आया है। क्योंकि इस तरह का मामला पहले कभी देखा या सुना नहीं गया कि द्वारचार की रस्म में कोई बंदर आकर, दूल्हे के ऊपर बैठ जाए और पूरी शांति के साथ बैठकर पूजा होते हुए देखे।
दूल्हे के दोस्तों और भाई ने भी खिंचवाई बंदर के साथ तस्वीर
जयमाला की रस्म के बाद भी बंदर मैरिज गार्डन में ही डटा रहा और दूल्हे के दोस्तों और भाईयों ने भी बंदर के साथ अपनी तस्वीरें खिंचवाई। इस बात की काफी चर्चा भी रही कि बंदर ने न ही किसी को नुकसान पहुंचाया और न ही कोई खाने की चीज उठाकर भागा।
