Train Ka Video: ट्रेन के 1AC कोच में बिना टिकट सफर करने के मामलों में इन दिनों तेजी से इजाफा होता दिख रहा है। हाल ही में एक बिहार में सरकारी टीचर का ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ था जिसके बाद सोशल मीडिया पर काफी हंगामा भी हुआ है। अब कुछ ही दिन बाद दो और महिलाओं का वीडियो सामने आया है 1AC में बिना टिकट सफर करती रंगे हाथ पकड़ी गईं। यही नहीं जब TTE ने उनसे टिकट दिखाने को कहा तो वे कहने लगीं कि, उनका भाई लोको पायलट है और रोज यहीं से ट्रेन पकड़ता है। इस वीडियो में महिला और संभवत: उसकी बेटी का बर्ताव देख यूजर्स भी काफी हैरान हैं।
एक्स पर वायरल हुआ वीडियो
इस वीडियो को एक्स पर @trainwalebhaiya नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो के कैप्शन में लिखा है कि, 'मेरा भाई लोको पायलट है, इसलिए मैं बिना टिकट के फर्स्ट एसी में सफर करूंगी। कल एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका थी आज एक लोको पायलट की बहन है। ऐसा लगता है कि सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार वाले भारतीय रेलवे को अपनी निजी संपत्ति समझते हैं। पहले तो बिना टिकट सफ़र करना, पकड़े जाने पर टीटीई से बहस करना, और फिर दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर खुद को पीड़ित दिखाना, ये सब आम बात हो गई है। उसने अपनी दौलत दिखाने के लिए स्टारबक्स का मोबाइल कवर तो रखा है, लेकिन सिर्फ ₹10 का टिकट खरीदने के लिए भी बहुत गरीब है।'
TTE से जाति पूछी और फिर किया दुर्व्यवहार
वीडियो में आप देख सकते हैं कि, TTE शांति से उनसे टिकट दिखाने के लिए कह रहा है। जबकि महिला का दावा है कि वह बातचीत रिकॉर्ड करके उसे परेशान कर रहा है। तभी महिला की सहयात्री (जो कि उसकी बेटी प्रतीत होती है) बीच में आ जाती है। महिला अपनी यात्रा को सही ठहराने की कोशिश करती है और दावा करती है कि उसका भाई लोको पायलट है। बातचीत के दौरान वह कहती है कि वह अपनी बेटी के साथ सिर्फ शौचालय जाने के लिए ट्रेन में चढ़ी थी। इस बीच बेटी अपने बचाव में यह दावा करती है कि उसका भाई लोको पायलट है, जिससे उन्हें बिना टिकट यात्रा करने का अधिकार है। हालांकि मामला तब और बढ़ गया जब महिला ने टीटीई का नाम पूछने के बाद जाति का नाटक शुरू कर दिया। जब महिला ने TTE के लिए जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का प्रयास करना शुरू किया तभी TTE ने गुस्से में कहा कि, 'जातिवाद मत फैलाइए, एक तो टिकट नहीं है और जातिवाद फैला रही हैं आप।'
यूजर्स ने भी दी प्रतिक्रिया
इस वीडियो को देखने के बाद एक यूजर ने लिखा कि, 'मैं भी अब अपने दूर के चाचा का नाम लूंगा। वे स्टेशन मास्टर हैं। एक बार हम दानापुर इंटरसिटी में सफ़र कर रहे थे, तभी हमने यह देखा। रेलवे कर्मचारियों के रिश्तेदार आराम से सफर कर रहे थे, यहां तक कि 3E क्लास में भी। यूपी और बिहार में ऐसा अक्सर होता है।' दूसरे यूजर ने लिखा कि, "'चाचा विधायक हैं हमारे' के बाद, लोग अब 'मेरा भाई लोको पायलट है' का दिखावा करते हुए देखे जा सकते हैं।" वहीं तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'कुछ लोग कानून तोड़ने और फिर 'सीनाजोरी' करने की हिम्मत करते हैं। यह बहुत ही दयनीय व्यवहार है। उन्हें सलाखों के पीछे डाल दो। यही एकमात्र तरीका है जिससे वे सीख सकते हैं।" वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि, 'इस तरह के घटिया लोग कानून तोड़ने पर जाति को बीच में ले आते हैं। वीडियो बनाने की उसकी हिम्मत उसकी अधिकारिता और मूर्खता को दर्शाती है।'
नोट: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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