यूरोप में रह रहे एक भारतीय डॉक्टर ने हाल ही में अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि भारत की स्वास्थ्य सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनकर वहां के डॉक्टर पूरी तरह हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि यूरोपीय डॉक्टरों को यह बात बिल्कुल विश्वास नहीं हो रही थी कि भारत में मरीज इतनी तेजी से विशेषज्ञ डॉक्टरों से मिल सकते हैं, जांच करवा सकते हैं और इलाज शुरू कर सकते हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर dr.palakbhatt नामक हैंडल से शेयर किया गया है। डॉक्टर पलक भट्ट, जो खुद को ऑन्कोलॉजिस्ट बताते हैं, ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में अपना अनुभव साझा किया। यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया है। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते यूरोप में एक इवेंट में उन्हें पैलिएटिव केयर (दर्द निवारक देखभाल) पर प्रेजेंटेशन देने का मौका मिला। वहां कई डॉक्टरों से मुलाकात हुई और आकस्मिक बातचीत में यूरोप और भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना होने लगी।
'यूरोप के डॉक्टर शॉक्ड हो गए'
डॉ. भट्ट ने कहा, “यहां यूरोप के डॉक्टर पूरी तरह शॉक्ड हो गए जब मैंने उन्हें भारत के हेल्थकेयर सिस्टम के बारे में यह बात बताई। उन्होंने बताया कि भारत में अगर किसी को लगता है कि जीभ पर अल्सर है और वह कैंसर हो सकता है, तो वह सीधे ऑन्कोलॉजिस्ट के पास जा सकता है। उसी दिन एमआरआई हो सकता है। अगर कैंसर जैसा लगे तो उसी दिन बायोप्सी भी हो सकती है।” उन्होंने आगे बताया कि रिपोर्ट तीन-चार दिनों में आ जाती है और उसके आधार पर सर्जरी, कीमोथेरेपी या जो भी इलाज जरूरी हो, वह एक हफ्ते के अंदर शुरू किया जा सकता है। जबकि यूरोप में सिर्फ जीपी (जनरल प्रैक्टिशनर) से अपॉइंटमेंट लेने में ही अक्सर चार-पांच दिन लग जाते हैं। वे बोले कि, “इसलिए उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि सिर्फ एक हफ्ते में हम किसी भी कैंसर मरीज का इलाज शुरू कर सकते हैं।”
भारतीय डॉक्टर ने कैंसर की स्थिति भी बताई
डॉ. भट्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यूरोप में कैंसर का डायग्नोसिस होने के बाद मरीजों को प्राथमिकता दी जाती है और अपॉइंटमेंट जल्दी मिलते हैं। लेकिन अन्य विशेषज्ञों के पास अपॉइंटमेंट में एक हफ्ता, 10 दिन, 15 दिन या उससे भी ज्यादा समय लग सकता है। भारत में कई मामलों में मरीज सीधे विशेषज्ञ के पास पहुंच सकते हैं, जो यूरोपीय व्यवस्था से काफी अलग है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। हजारों लोगों ने इसे देखा और कमेंट किए। कई यूजर्स ने अपनी यूरोप या अन्य पश्चिमी देशों की अनुभव साझा करते हुए भारत की निजी स्वास्थ्य सेवाओं की तारीफ की। कुछ लोगों ने बताया कि यूरोप में साधारण सर्जरी के लिए भी महीनों इंतजार करना पड़ता है, जबकि भारत में निजी अस्पतालों में प्रक्रिया काफी तेज होती है।
डॉ. भट्ट का यह अनुभव उन कई कहानियों में से एक है, जहां विदेश में रह रहे भारतीय स्वास्थ्य पेशेवर भारत की स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गति की सराहना करते दिखते हैं। यूरोप में लंबे वेटिंग टाइम के कारण कई मरीज समय पर इलाज नहीं पा पाते, जबकि भारत में, खासकर निजी सेक्टर में, प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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