1. Hindi News
  2. वायरल न्‍यूज
  3. दुनिया का इकलौता देश जिसकी 3 राजधानियां हैं, तीनों का अलग-अलग है काम; इतनी कैपिटल्स बनाने की वजह जानें

दुनिया का इकलौता देश जिसकी 3 राजधानियां हैं, तीनों का अलग-अलग है काम; इतनी कैपिटल्स बनाने की वजह जानें

 Written By: Shaswat Gupta
 Published : Oct 11, 2026 04:04 pm IST,  Updated : Oct 11, 2026 04:04 pm IST

सोशल मीडिया आपने दुनिया भर तमाम अनोखे देशों के बारे में पढ़ा होगा। मगर, क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक देश भी है जिसकी 3 राजधानियां हैं।

which country has 3 capitals, 3 capital country, south Africa facts, Interesting Fact, Amazing Facts- India TV Hindi
दुनिया का सबसे अनोखा देश। Image Source : PEXELS

दुनिया के अधिकांश देशों में एक ही राजधानी होती है, जहां सरकार के सभी प्रमुख अंग-कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका—एक जगह केंद्रित रहते हैं। लेकिन दक्षिण अफ्रीका इस मामले में पूरी दुनिया में अकेला है। दक्षिण अफ्रीकी सरकार की आधिकारिक वेबसाइट www.gov.za  के अनुसार, देश की तीन आधिकारिक राजधानियां हैं- प्रिटोरिया, केप टाउन और ब्लोमफ़ोन्टेन। इनमें से प्रत्येक शहर सरकार की अलग-अलग शाखा का केंद्र है। यह व्यवस्था न सिर्फ अनोखी है, बल्कि ऐतिहासिक समझौते का नतीजा भी है।  

तीनों राजधानियों की अलग-अलग कार्यपद्धति 

  •  केप टाउन (पश्चिमी केप प्रांत) : विधायी राजधानी। यहां देश की संसद (पार्लियामेंट) स्थित है।  
  • ब्लोमफ़ोन्टेन (फ्री स्टेट प्रांत) : न्यायिक राजधानी। यहां सुप्रीम कोर्ट ऑफ अपील है।  
  • प्रिटोरिया (गौतेंग प्रांत) : प्रशासनिक राजधानी। यहां यूनियन बिल्डिंग्स हैं, जहां राष्ट्रपति का कार्यालय और अधिकांश सरकारी विभाग काम करते हैं। प्रिटोरिया को देश की अंतिम या मुख्य राजधानी भी माना जाता है। 

दक्षिण अफ्रीका की आधिकारिक राजधानी 

यह विभाजन सिर्फ नाम का नहीं है। सरकार का दिन-प्रतिदिन का कामकाज प्रिटोरिया से चलता है। संसद के सत्र केप टाउन में होते हैं, जहां कानून बनाए जाते हैं। उच्चतम अपील अदालत ब्लोमफ़ोन्टेन में बैठती है। दिलचस्प बात यह है कि संवैधानिक अदालत जोहान्सबर्ग में है, लेकिन ब्लोमफ़ोन्टेन को ही आधिकारिक न्यायिक राजधानी माना जाता है।

तीन राजधानियां बनाने की वजह

दक्षिण अफ्रीका की आधिकारिक इतिहास और सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, यह व्यवस्था 1910 में यूनियन ऑफ साउथ अफ्रीका के गठन के समय शुरू हुई थी। उस समय चार अलग-अलग ब्रिटिश उपनिवेश—केप कॉलोनी, नेटाल, ट्रांसवाल और ऑरेंज रिवर कॉलोनी को मिलाकर एक देश बनाया जा रहा था। प्रत्येक क्षेत्र अपनी राजधानी को राष्ट्रीय राजधानी बनाना चाहता था। कोई भी एक शहर को पूरी सत्ता सौंपने को तैयार नहीं था। इसलिए एक राजनीतिक समझौता हुआ:  ट्रांसवाल को प्रिटोरिया में कार्यपालिका (एग्जीक्यूटिव) मिली, केप कॉलोनी को केप टाउन में विधायिका (लेजिस्लेचर) मिली, ऑरेंज रिवर कॉलोनी को ब्लोमफ़ोन्टेन में न्यायपालिका मिली।  

नेटाल से किया गया वादा

नेटाल को इस बात से संतुष्ट किया गया कि कोई एक शहर पूरी तरह हावी नहीं होगा। यह समझौता इतना मजबूत था कि 1994 में लोकतांत्रिक संविधान आने के बाद भी इसे जारी रखा गया। संविधान में संसद का स्थान केप टाउन निर्धारित है, जबकि अन्य व्यवस्थाएं कानूनों और परंपराओं से चलती हैं। सरकारी वेबसाइट इस व्यवस्था को देश की क्षेत्रीय संतुलन और सहयोगी शासन (cooperative governance) का प्रतीक मानती है। तीनों शहर अलग-अलग प्रांतों में होने से सत्ता का विकेंद्रीकरण होता है और किसी एक क्षेत्र को पूरी ताकत नहीं मिलती। प्रिटोरिया प्रशासनिक केंद्र के रूप में देश को चलाता है, केप टाउन लोकतंत्र की आवाज बनता है और ब्लोमफ़ोन्टेन न्याय की रक्षा करता है। आज भी यह व्यवस्था कायम है। 

कहां पर है राष्ट्रपति भवन 

राष्ट्रपति का मुख्य कार्यालय प्रिटोरिया के यूनियन बिल्डिंग्स में है, लेकिन संसद सत्र के दौरान वे केप टाउन भी जाते हैं। विदेशी दूतावास ज्यादातर प्रिटोरिया में हैं। पर्यटक अक्सर हैरान होते हैं कि दक्षिण अफ्रीका की “राजधानी” कौन-सी है, लेकिन सरकारी वेबसाइट साफ जवाब देती है- तीनों।  

गौरतलब है कि, इससे पहले एक रिपोर्ट में हमने आपको साउथ अफ्रीका की राष्ट्रीय मिठाई के बारे में बताया था। 
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

ये भी पढ़ें -

पानीपुरी बेचते अफ्रीकी जनाब को ​देखिए! ठेठ देसी अंदाज में लगाया स्टॉल, भारतीय  महिला ने बताया एक्सपीरिएंस; Video

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। वायरल न्‍यूज से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।