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दिल्ली मेट्रो में सीटों का रंग सिल्वर ही क्यों होता है, केवल ब्लूलाइन में दिखता है ये कलर; क्या है वजह

 Written By: Shaswat Gupta
 Published : Feb 11, 2026 11:06 am IST,  Updated : Feb 11, 2026 11:24 am IST

Delhi Metro Facts : सोशल मीडिया पर आपने कई तरह के अजब-गजब फैक्ट्स पढ़े होंगे। मगर क्या आपको पता है कि, दिल्ली मेट्रो में सीटों का रंग सिल्वर ही क्यों होता है ? यदि आपको नहीं पता है तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे।

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मेट्रो के अंदर की सीटें। Image Source : ANI & X/@OFFICIALDMRC (CIRCLE)

Delhi Metro Facts : यदि आप दिल्ली-NCR में रहते हैं या कभी राजधानी क्षेत्र दिल्ली-NCR में घूमने भी आए हैं तो आपने दिल्ली मेट्रो में  सफर जरूर किया होगा। दावा किया जाता है कि, दिल्ली मेट्रो एक दिन में हजारों—लाखों यात्रियों को सफर कराती है और उनके गंतव्य तक पहुंचाती है। दिल्ली मेट्रो में लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या बैठने की होती है क्योंकि अत्यधिक भीड़ के चलते लोगों को अक्सर सीटें नहीं मिलती हैं। दिल्ली मेट्रो में सिल्वर रंग की सीटों पर कई या​त्री सफर करते हैं। मगर, क्या कभी आपने सफर के दौरान या सफर के बाद ये सोचा है कि, दिल्ली मेट्रो में सीटों का रंग सिल्वर ही क्यों होता है ? हालांकि, सिल्वर सीटें आपको केवल दिल्ली मेट्रो की ब्लूलाइन पर ही दिखेंगी मगर सीटों रंग के सिल्वर होने की क्या वजह है ? 

दिल्ली मेट्रो की ब्लूलाइन के बारे में 

गौरतलब है कि, दिल्ली मेट्रो की ब्लूलाइन रैपिड ट्रांसिस्ट मेट्रो लाइन है। ये मुख्यत: दो भागों में बंटी है, जिनमें पहली लाइन नोएडा इले​क्ट्रॉनिक सिटी—द्वारका सेक्टर 21 (50 स्टेशन) और दूसरी लाइन वैशाली—यमुना बैंक (8 स्टेशन) है। 

दिल्ली मेट्रो के नाम रिकॉर्ड

यदि आपको नहीं पता है तो बता दें कि, दिल्ली मेट्रो (DMRC) के नाम कई प्रमुख रिकॉर्ड दर्ज (Delhi Metro Records) हैं। मसलन, 13 फरवरी 2024 को 71.09 लाख यात्रियों के साथ एक दिन में सबसे अधिक यात्री संख्या, 395 किमी का विशाल नेटवर्क, और 10+ कलर-कोडित लाइनें। 25 दिसंबर 2002 को शुरू हुई यह सेवा भारत की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी मेट्रो प्रणालियों में से एक है। 13 फरवरी, 2024 को 71.09 लाख लोगों द्वारा किया गया सफर भी दिल्ली मेट्रो का एक अनोखा रिकॉर्ड है। 

दिल्ली मेट्रो में सीटों का रंग

दिल्ली मेट्रो की अलग-अलग लाइन पर सीटों का रंग आपको अलग मिलेगा। मसलन, ब्लूलाइन पर चलने वाली दिल्ली मेट्रो में सीटों का रंग सिल्वर होगा और मैजेंटा/पिंक लाइनों में रेड/ब्लू कलर-कोडेड सीटें दिखेंगी। पुरानी और नई ट्रेनों (विशेषकर फेज-3 और फेज-4) में सीट के डिजाइन्स में थोड़ा बदलाव हो सकता है, लेकिन महिलाओं के लिए आरक्षित सीट का गुलाबी रंग लगभग सभी में समान है।

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Image Source : PTI मेट्रो के अंदर की सीटें।

दिल्ली मेट्रो की ब्लूलाइन पर सीटों का रंग सिल्वर ही क्यों 

अब आपको बताते हैं कि, दिल्ली मेट्रो की ब्लूलाइन पर सीटों का रंग सिल्वर ही क्यों है (Why Delhi Metro Seats Are Silver) ? दरअसल, सिल्वर रंग मजबूती, स्थायित्व और सौंदर्यशास्त्र का संतुलन है। स्टेलनेस स्टील की सीटों के सिल्वर फिनिश होने का कारण स्थायित्व और सफाई में आसानी है। चूंकि, ये मेटल लंबे समय तक चलती है और जल्दी खराब नहीं होती है और इस पर धूल या खरोंच के निशान कम दिखने से ये सफाई करने में भी सुविधाजनक है। यह स्टील का प्राकृतिक रंग है, जो ट्रेन के अंदरूनी हिस्से को हल्का और बड़ा दिखाता है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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