1. Hindi News
  2. वायरल न्‍यूज
  3. रेलवे स्टेशन के बोर्ड पर 'समुद्र तल से ऊंचाई' क्यों लिखी जाती है, बड़ी खास है वजह; नोट कर लें नहीं तो पछताएंगे

रेलवे स्टेशन के बोर्ड पर 'समुद्र तल से ऊंचाई' क्यों लिखी जाती है, बड़ी खास है वजह; नोट कर लें नहीं तो पछताएंगे

 Written By: Shaswat Gupta
 Published : Nov 27, 2025 05:03 pm IST,  Updated : Nov 27, 2025 05:03 pm IST

Railways Interesting Facts: सोशल मीडिया पर रेलवे की वायरल दुनिया में आपने अब कई अनोखी सी अनोखी बातें जानीं, मगर आज हम आपको एक बेहद खास बात बताएंगे जो कि शायद आपने इससे पहले संक्षेप में सुनी हो।

why height from sea level, why height from sea level on railway station, railway station height from- India TV Hindi
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन। Image Source : INDIANRAILINFO

Interesting Facts about Railway : भारतीय रेलवे ने यात्रियों के सफर को बेहद सुहाना बनाने के लिए तरह-तरह की सुविधाएं देना आरंभ किया है। यही वजह है कि भारत का रेल नेटवर्क आज विश्वभर के लिए एक मिसाल बन चुका है। 24 घंटे में करोड़ों यात्रियों को यथासंभव समय पर गंतव्य तक पहुंचाने काम काम रेलवे बखूबी कर रहा है। हालांकि, कई बार ट्रेन से सफर करते समय या​त्रियों के मन में कुछ सवाल आते हैं। ये सवाल यूं ही नहीं बल्कि ट्रेन पर लिखे कुछ कोडवर्ड देखकर, स्टेशन पर लगे पीले बोर्ड देखकर या प्लेटफॉर्म बनी आकृतियों को देखकर मन में कौंधते हैं। ऐसे ही यात्रियों के मन में एक सवाल हर बार पनपता है। सवाल है— रेलवे स्टेशन के बोर्ड पर 'समुद्र तल से ऊंचाई' क्यों लिखी जाती है ? ट्रेन से सफर करने वाला हर यात्री जब रेलवे स्टेशन के बोर्ड को पढ़ता है तो इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश जरूर करता है। आज हम आपको बताएंगे आखिर ट्रेन के पीले बोर्ड पर आखिरकार 'समुद्र तल से ऊंचाई' क्यों लिखी जाती है ? 

रेलवे स्टेशन के बोर्ड पीले रंग के ही क्यों होते हैं 

समुद्र तल से ऊंचाई लिखने की वजह बताने से पहले हम आपको बता दें कि, रेलवे स्टेशन के बोर्ड पीले रंग के क्यों होते हैं। दरअसल, रेलवे स्टेशन के बोर्ड पीले रंग के होते हैं क्योंकि यह रंग दूर से आसानी से दिखाई देता है और कोहरे या खराब मौसम में भी स्पष्ट दिखता है। यह रंग ट्रेन के लोको पायलट को दूर से ही स्टेशन का संकेत देता है, जिससे वे सतर्क हो सकें और गति को नियंत्रित कर सकें। इन वजहों को बिन्दुवार ढंग से इस तरह समझा जा सकता है- 

  • पीले रंग पर काले अक्षर स्पष्ट दिखते हैं, जो सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। पीला रंग अपनी पार्श्व परिधीय दृष्टि क्षमता के कारण दूर से भी आसानी से दिखाई देता है, भले ही यह सीधे दृष्टि-रेखा में न हो। 
  • कोहरे, बारिश या अंधेरे जैसे खराब मौसम में भी पीला रंग लाल रंग की तुलना में वातावरण में अधिक फैलता है और स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
  • यह रंग लोको पायलटों को दूर से ही स्टेशन का संकेत देता है, जिससे उन्हें अपनी ट्रेन की गति को नियंत्रित करने और प्लेटफॉर्म पर सही ढंग से रुकने में मदद मिलती है।
  • पीला रंग एक प्रकार से रुकने या धीमा होने का संकेत है, जैसे ट्रैफिक लाइट में पीली बत्ती होती है। यह लोको पायलट को सतर्क रहने का भी निर्देश देता है, खासकर उन ट्रेनों के लिए जो सभी स्टेशनों पर नहीं रुकती हैं।
  • पीले रंग के बैकग्राउंड पर काले अक्षर बहुत ही प्रभावी और साफ दिखते हैं, जो दूर से पढ़ने में आसान होता है।

समुद्र तल से ऊंचाई क्यों लिखी जाती है ? 

ixigo के मुताबिक, रेलवे स्टेशन के बोर्ड पर समुद्र तल से ऊंचाई लिखने की कई वजह हैं। ऐसा दावा है कि, जब भारत में सबसे पहले रेलवे स्टेशन बनाए जा रहे थे तो समुद्र के औसत स्तर की जानकारी से स्टेशनों का निर्माण करने और पटरियों को इस तरह से बिछाने में मदद मिली, जिससे बाढ़ और उच्च ज्वार से बचा जा सके। ये भी बताया जाता है कि, स्टेशन के पास भवन निर्माण की योजना बनाने के लिए संकेतों पर दर्शाए गए समुद्र स्तर का उपयोग किया गया था। एक और वजह बताई जाती है जिसमें माना जाता है कि, ये संकेत ट्रेन चालकों को बताएंगे कि वे किस ऊंचाई पर यात्रा कर रहे हैं, जिससे उन्हें ट्रेन की शक्ति और गति के बारे में निर्णय लेने में मदद मिलेगी। 

ये भी जानें 

मान लीजिए समुद्र तल से ऊंचाई 100 मीटर से बढ़कर 200 मीटर हो जाएगी, तो चालक को पता चल जाएगा कि यात्रा को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए उसे शक्ति बढ़ानी होगी। इसी प्रकार, जब कोई रेलगाड़ी समुद्र तल से एक निश्चित ऊंचाई से नीचे आती थी, तो चालक दो स्टेशनों के बीच बनाए रखने योग्य गति का पता लगाने के लिए पीले संकेतों का उपयोग करता था। गौरतलब है कि, आजकल ट्रेनों की गति की योजना और निगरानी पहले से की जाती है, जो औसत समुद्र तल के अलावा कई अन्य कारकों से प्रभावित होती है, जैसे यातायात, मौसम, दिन का समय, आदि। यही कारण है कि आप देखेंगे कि नए रेलवे स्टेशनों पर संकेतों पर औसत समुद्र तल नहीं लिखा होता है। 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी रिपोर्ट्स पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

ये भी पढ़ें- 
ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली यूज करने पर कितने साल की सजा होगी, जानिए रेलवे का नियम; नहीं तो पछताएंगे
 

भारतीय ट्रेनों का नंबर 5 अंकों का ही क्यों होता है ? आखिर क्या है इसका सीक्रेट; सुनकर चौंक जाएंगे  
 

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। वायरल न्‍यूज से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।