Viral Post: दस साल से अधिक समय से अपने परिवार के साथ विदेश में रह रही एक भारतीय महिला ने अपने वतन लौटने की इच्छा जताते हुए इंटरनेट पर सुर्खियां बटोरी हैं। 'दस साल से अधिक विदेश में रहने के बाद टियर 2 शहर में वापस जाने की योजना' शीर्षक से रेडिट पोस्ट में महिला ने कहा कि जर्मनी में अपने स्थानीय समुदाय में अच्छी तरह घुलमिल जाने के बावजूद, उसे अभी भी कुछ कमी महसूस होती है।महिला ने कहा कि उसे अपने घर के लोगों की और भारत में मिलने वाली गर्मजोशी और सामुदायिक भावना की याद आती है, जहां किसी से भी बात करना आसान था।
महिला ने पोस्ट में लिखी ये बातें
रेडिट पर @cometellmehow नामक हैंडल से लिखा कि, 'मुझे पता है कि मुझे इस बारे में बहुत सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। और मैंने लिया भी है। यही सही लगता है। जर्मनी में अपने पति और छोटे बच्चे के साथ रहना। हम दोनों की आमदनी ठीक-ठाक है, जीवन ठीक चल रहा है। फिर भी अकेलापन मुझे सता रहा है, जबकि हम यहाँ बहुत अच्छे से घुल-मिल गए हैं, यहां की भाषा बोलते हैं और हमारे कुछ स्थानीय दोस्त भी हैं। मुझे अपने घर के लोगों की, वहां के सहज माहौल की, वहां के प्यार की और अपनेपन की भावना की बहुत याद आती है। मैं मिलनसार स्वभाव की हूं और किसी से भी आसानी से बात कर लेती हूँ। और मुझे यहां इसकी कमी खलती है। यहां हमारी जीवनशैली काफी सक्रिय है और हम जितना हो सके खुद को व्यस्त रखते हैं। लेकिन फिर भी मुझे हमेशा कुछ न कुछ कमी महसूस होती है, हालांकि मेरे पति को उतनी नहीं। मुझे शादियों, त्योहारों और समारोहों की याद आती है। हम पर कोई आर्थिक बोझ नहीं है। मेरे पति का अपना एक अपार्टमेंट है जहां उनके माता-पिता रहते हैं। मेरे पास एक बड़ा प्लॉट है और मैं उस पर घर बनाने के लिए बचत कर रही हूँ। दोनों संपत्तियां एक ही शहर में हैं। मैं कम कमाने को भी तैयार हूं, बशर्ते मुझे घर चलाने और बच्चे की परवरिश में मदद मिलती रहे। मेरे पति अपने दादा-दादी से बहुत प्यार करते हैं और मुझे बहुत दुख होता है कि वे उनके साथ पर्याप्त समय नहीं बिता पाते। यही एक और कारण है कि मैं वापस लौटना चाहती हूं, ताकि हम अपने माता-पिता के जीवन के शेष वर्ष एक साथ बिता सकें। मुझे लगता है कि यह अनुभव जीवन में अनमोल है। और हां, भारत में आप कहीं भी जाएं, बहुत सी कमियां हैं। सड़क सुरक्षा, प्रदूषण और सिविक सेंस की कमी जैसी स्थितियां भारत में बेहद भयावह हैं। टियर 2 शहर थोड़े बेहतर हैं, लेकिन जर्मनी से उनकी तुलना नहीं की जा सकती। मुझे वहाँ की प्रकृति-प्रेमी जीवनशैली और बच्चों के लिए अवसरों की कमी खलेगी। लेकिन मुझे यह भी पता है कि अगर आप ढूंढ़ें तो ये सब चीज़ें भारत में भी मिल सकती हैं। आप लोगों की राय जानना चाहूंगी।'

यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
जैसे ही पोस्ट वायरल हुई सोशल मीडिया के अधिकांश यूजर्स ने भारत लौटने का साहसिक निर्णय लेने के लिए महिला की सराहना की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। एक ने लिखा कि, 'आप फिर से ज़िंदादिली महसूस करना चाहते हैं, है ना? ज़िंदगी में तमाम सुख-सुविधाओं के बावजूद कुछ कमी सी लगती है जो कहीं और नहीं मिलती। भारत आपको वो कमी पूरी कर देगा, पर इसमें समय लगेगा।' दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं। भारत में मुझे ज़्यादा ज़िंदादिली महसूस होती है, भले ही बुनियादी चीज़ें मुश्किल हों। वहीं दूसरी ओर, जर्मनी में ज़िंदगी आरामदायक और आसान है, लेकिन उसमें वो जोश नहीं है जिसे मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता।' तीसरे ने लिखा कि, 'मुझे लगता है कि सालों तक अपने परिवार से दूर रहने के लिए बहुत भावनात्मक शक्ति की आवश्यकता होती है और हर कोई ऐसा करके पूर्ण महसूस नहीं करता। और अपनी जड़ों और परिवार के करीब रहकर भावनात्मक रूप से परिपूर्ण जीवन जीने की इच्छा रखने में कुछ भी गलत नहीं है।' एक अन्य यूजर ने लिखा कि, 'ऐसा लगता है कि आपके पति के पास एक अपार्टमेंट और आपके पास एक प्लॉट होने से आपकी वित्तीय ज़रूरतें पूरी हो गई हैं, इसलिए भारत वापस जाने के बाद आपका जीवन काफी आसान होना चाहिए।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें-