अमेरिका में रह रहे भारतीय युवक युवान इबानेज गारवारे का एक इंस्टाग्राम वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने ‘भारतीय लोग यहां आकर हमारी नौकरियां चुरा लेते हैं’ जैसे आरोपों का सीधा और तीखा जवाब दिया है। वीडियो का कैप्शन है-‘तुम्हें लूटा नहीं गया, बल्कि तुमसे ज्यादा मेहनत करवाई गई।’
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @yuvaanibanez नामक हैंडल से शेयर किया गया है। गारवारे ने वीडियो की शुरुआत में ही आरोप को दोहराया और फिर करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'भारतीय यहां आकर हमारी नौकरियां चुरा लेते हैं। भाई, अगर कोई व्यक्ति दुनिया के दूसरे कोने से आकर, जहां कोई उनकी मातृभाषा नहीं बोलता, कोई कनेक्शन नहीं, वीजा पर है और कुछ ही महीनों में तुम्हारी नौकरी ले लेता है, तो तुम उस नौकरी के हकदार नहीं थे।' उन्होंने सवाल किया कि आखिर किन नौकरियों की बात हो रही है।
'जब आप लोग पार्टियों के नशे में धुत होकर बेहोश थे...'
उन्होंने उच्च कौशल वाली नौकरियों का जिक्र करते हुए कहा, 'डॉक्टर? सॉफ्टवेयर इंजीनियर? डेटा एनालिस्ट? ये नौकरियां चुराई नहीं गईं। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर में पांच साल कड़ी मेहनत की, जबकि आप लोग पार्टियों में नशे में धुत होकर बेहोश हो रहे थे।' गारवारे ने उन नौकरियों का भी उल्लेख किया जो कठिन और असामान्य समय पर होती हैं। उन्होंने पूछा, 'क्या तुम सुबह 5 बजे उबर चलाने या आधी रात को पेट्रोल पंप संभालने की बात कर रहे हो? ये वो काम हैं जो कोई नहीं करना चाहता, लेकिन भारतीय करते हैं क्योंकि वे मेहनत करते हैं और हार मानने से इनकार करते हैं।'
गिनाए और भी कई बिंदु
शख्स ने भारतीयों को आलसी बताने वाले आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा, 'भारतीयों को आलसी कहना और फिर यह मानना कि वे तुमसे ज्यादा मेहनत करके नौकरी ले गए, यह बिल्कुल विरोधाभासी है। एक भारतीय के रूप में जो खुद अमेरिका में रहता है, मैं कहता हूं कि हम शायद दुनिया की सबसे अनुकूलनीय प्रजाति हैं और इस पर गर्व होना चाहिए।' उन्होंने प्रवासियों की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला- कड़े वीजा नियम, अपरिचित संस्कृति, भाषा की बाधा और पेशेवर नेटवर्क की कमी। इन सबके बावजूद कई भारतीय दृढ़ता और अनुकूलन क्षमता से करियर बना लेते हैं।
सोशल मीडिया पर भी होती रहती है बहस
वीडियो में उनका मुख्य संदेश यह था कि नौकरी किसी ने छीनी नहीं, बल्कि वह उस व्यक्ति को मिली जो ज्यादा मेहनत करने के लिए तैयार था। “शायद तुमने नौकरी किसी और को नहीं खोई। शायद तुमने उसे उस व्यक्ति को खोया जो ज्यादा मेहनत करने को तैयार था।” यह तर्क अमेरिकी समाज में प्रवासियों, खासकर भारतीय स्किल्ड वर्कर्स पर लगने वाले आरोपों के बीच आया है। एच-1बी वीजा और उच्च कुशल प्रवासियों पर अक्सर बहस होती रहती है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर प्रतिक्रियाएं ज्यादातर सकारात्मक रहीं। कई यूजर्स ने कहा कि आखिरकार किसी ने सच्चाई कही। कई लोगों ने भारतीयों की मेहनत, शिक्षा और अनुकूलन क्षमता की तारीफ की। कुछ ने इसे ‘विनर टेक्स इट ऑल’ बताते हुए सहमति जताई।
एक यूजर ने लिखा, “भाई, तुम बहादुर हो। तथ्यों को कहने के लिए नफरत सह रहे हो।”
दूसरे ने कहा, “आखिर किसी ने बोल दिया।”
तीसरे ने लिखा कि, “उनकी बात में दम है।”
चौथे ने लिखा कि, “कड़ी मेहनत सम्मान की हकदार है।”
पांचवें ने कहा, “भारतीय कार्य नैतिकता बेजोड़ है।”
इसी भावना को दोहराते हुए एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह बिलकुल सच है।”
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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