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'जानकारी चुराने के लिए ED ने I-Pac पर मारा छापा', अभिषेक बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jan 12, 2026 11:50 pm IST,  Updated : Jan 12, 2026 11:50 pm IST

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी की राज्य सरकार और केंद्र की बीजेपी सरकार के बीच तनाव चरम पर है। ऐसे में अभिषेक ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक हथकंडा बताकर इस विवाद को हवा दी है।

Abhishek Banerjee- India TV Hindi
अभिषेक बनर्जी Image Source : PTI

टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने ईडी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आई-पैक पर छापेमारी डेटा चुराने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने सोमवार को आरोप लगाया कि ईडी का उद्देश्य जांच करना नहीं, बल्कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की ओर से हिसाब बराबर करने के लिए राजनीतिक जानकारी चुराना था। पार्टी के डिजिटल स्वयंसेवकों के सम्मेलन 'आमी बांग्लार डिजिटल जोद्धा' को संबोधित करते हुए बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई के इरादे और तरीके दोनों पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि यह छापा टीएमसी के खिलाफ एक राजनीतिक एजेंडा बनाने के लिए किया गया था। 

आई-पैक कंपनी टीएमसी को राजनीतिक सलाह देती है और उसके आईटी सेल का मैनेजमेंट करती है। इस कंपनी के ऑफिस में ईडी ने 8 जनवरी को छापेमारी की थी। बनर्जी ने आरोप लगाया कि तलाशी के जरिए ईडी की कोशिश टीएमसी की रणनीति पता करने की थी।

अभिषेक का सवाल- दिल्ली में छापेमारी क्यों नहीं की?

अभिषेक ने कहा, ‘‘ईडी का कहना है कि वे कोयला घोटाले की जांच करने आए थे। वह मामला तीन साल से अधिक पुराना है और उन्होंने इस पूरे समय में किसी को भी तलब नहीं किया। वे आ सकते हैं, लेकिन उनका मकसद जानकारी चुराना था।’’ यह पहली बार है जब उन्होंने एजेंसी पर तृणमूल के आंतरिक डेटा को हथियाने का प्रयास करने का सीधे तौर पर आरोप लगाया। ईडी ने कथित कोयला घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में आठ जनवरी को साल्ट लेक स्थित आई-पैक के कार्यालय और दक्षिण कोलकाता में उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापे मारे थे। इस दौरान राज्य के कुछ अन्य स्थानों और दिल्ली में भी छापेमारी की गई थी। उन्होंने सवाल किया कि यदि केंद्रीय जांच एजेंसी संगठन के खिलाफ वास्तव में जांच कर रही थी, तो उसने केवल पश्चिम बंगाल में ही आई-पैक के कार्यालय पर छापा क्यों मारा और ‘‘हैदराबाद एवं दिल्ली’’ जैसे स्थानों में ऐसा क्यों नहीं किया। 

ईडी ने टीएमसी की मदद की, इसलिए छापा मारा- बनर्जी

बनर्जी ने कहा कि यदि जांच कंपनी के खिलाफ थी तो उसके सभी निदेशकों के आवासों की तलाशी ली जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मामला एक निदेशक के खिलाफ है, तो बंगाल ऑफिस को क्यों निशाना बनाया गया? यह स्पष्ट रूप से यह धारणा बनाने के लिए किया गया है कि पूरा संगठन ही दोषी है।’’ अभिषेक ने कहा कि आई-पैक ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं की सहायता के लिए 'दीदिर दूत' ऐप जैसे डिजिटल टूल विकसित करने में पार्टी की मदद की थी। इसलिए ईडी को उनके खिलाफ छापेमारी करने भेजा गया। एक तरफ निर्वाचन आयोग का इस्तेमाल लोगों के अधिकारों को छीनने के लिए किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ ईडी का इस्तेमाल लोकतंत्र का गला घोंटने के लिए किया जा रहा है।

ममता बनर्जी का बचाव किया

ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जैन के आवास पर छापेमारी के दौरान अधिकारियों के काम में बाधा पहुंचाने और आपत्तिजनक दस्तावेजों को हटाने का आरोप लगाया है, जिसे तृणमूल ने सिरे से खारिज कर दिया है। एजेंसी ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। अभिषेक बनर्जी ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने उसी भाषा में जवाब दिया, जो उन्होंने इस्तेमाल की थी। अन्य राज्यों में नेताओं को पाला बदलने के लिए धमकाया जाता है,। लेकिन यहां यह तरीका काम नहीं करता।’’ 

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