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West Bengal Durga Puja: हिंदू महासभा की मूर्ति पर बढ़े बवाल के बीच BJP ने की निंदा, महिषासुर की जगह महात्मा गांधी को दिखाया

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Oct 04, 2022 07:24 pm IST,  Updated : Oct 04, 2022 07:24 pm IST

West Bengal Durga Puja: बीजेपी नेता ने कहा, हम गांधीजी को अपमानित करने वाले किसी भी कदम की निंदा करते हैं।

West Bengal Durga Puja- India TV Hindi
West Bengal Durga Puja Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • महिषासुर की जगह महात्मा गांधी जैसा दिखने वाला चेहरा
  • भारतीय जनता पार्टी ने कहा- वह इसकी निंदा करती है

West Bengal Durga Puja: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में अखिल भारतीय हिंदू महासभा की ओर से आयोजित एक दुर्गा पूजा पंडाल में महिषासुर के चेहरे की जगह महात्मा गांधी जैसा दिखने वाला चेहरा लगाया गया है, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है। इसे लेकर अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कहा कि वह इसकी निंदा करती है। पार्टी ने दावा किया कि कई अन्य पूजा पंडालों ने भी टीएमसी शासित बंगाल में पूर्व में भी जनभावनाओं को ठेस पहुंचाई है। 

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि अतीत में हुगली जिले के गुराप में देवी के हाथों में टीएमसी का झंडा थमाने, कोलकाता में दुर्गा पूजा के एक पंडाल में अजान बजाने और अन्य पंडाल तक जाने वाले रास्ते को जूते-चप्पलों से सजाने की घटना की सत्तारूढ़ दल ने कभी निंदा नहीं की। साथ ही प्रशासन ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। अजान, 2019 में कोलकाता के बेलघाटा में एक पंडाल में बजाई गई थी, जबकि पिछले साल केस्टोपुर में एक अन्य पंडाल में मूर्ति तक जाने वाले रास्ते को जूते-चप्पलों से सजाया गया था। 

जूते-चप्पल पंडाल से कुछ दूरी पर रखे गए थे- केस्टोपुर पूजा के आयोजक

बेलघाटा में पूजा आयोजकों ने कहा कि अजान और ओम इसलिए बजाया गया कि पंडाल का थीम साम्प्रदायिक सौहार्द्र था, जबकि केस्टोपुर पूजा के आयोजकों ने कहा कि पादुका देश में किसानों के आंदोलन के महत्व को बताती हैं और जूते-चप्पल पंडाल से कुछ दूरी पर रखे गए थे। बीजेपी नेता ने कहा, "हम गांधीजी को अपमानित करने वाले किसी भी कदम की निंदा करते हैं। प्रशासन ने घटना का संज्ञान लिया और शीघ्र कार्रवाई की, लेकिन उसने हुगली में मां दुर्गा के हाथों में टीएमसी का झंडा थमाए जाने की घटना के बाद या एक पूजा पंडाल को सजाने के लिए जूते-चप्पल का इस्तेमाल किए जाने के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की।" 

'पूजा से जुड़े समर्पण की भावना का बंगाल में उल्लंघन किया जा रहा है'

उन्होंने कहा, "असल में कुछ आयोजकों ने इस तरह के कृत्य (महिषासुर को गांधी जैसा चित्रित करने वाले) करने का साहस किया, क्योंकि वे जानते हैं कि पूजा से जुड़े समर्पण की भावना का टीएमसी शासित पश्चिम बंगाल में उल्लंघन किया जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री महालया से पहले पूजा का उद्घाटन करती हैं और मंच पर गलत मंत्रोच्चार करती हैं।" 

आरोपों पर जवाब देते हुए टीएमसी (TMC) के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि बीजेपी सदा ही व्यवधान पैदा करना चाहती रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि अखिल भारत हिंदू महासभा (ABHM) की ओर से किए जा रहे आयोजन को पुलिस ने रोका होता, तो बीजेपी हंगामा करती और बेअदबी के इस कृत्य की आलोचना करने के मौजूदा रुख से पूरी तरह से पलट गई होती। 

बीजेपी एकजुटता नहीं चाहती, दरार पैदा करना चाहती है: कुणाल घोष

घोष ने कहा, "बीजेपी एकजुटता नहीं चाहती, वह दरार पैदा करना चाहती है। यही कारण है कि राज्य के लोगों ने उसे खारिज कर दिया।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रपिता को एक असुर के रूप में चित्रित करना बेअदबी का कृत्य है और पुलिस ने शीघ्र कार्रवाई की, लेकिन यदि पूजा रोक दी जाती, तो बीजेपी प्रशासन को पूजा विरोधी बताती।" 

गौरतलब है कि रूबी क्रॉसिंग के पास एक दुर्गा पूजा पंडाल में महिषासुर की प्रतिमा को महात्मा गांधी जैसा दिखाया गया। प्रतिमा को गोल चश्मा पहनाया गया और उसका परिधान धोती है। इसके चलते 02 अक्टूबर को गांधी जयंती पर विवाद पैदा हो गया। वहीं, आयोजकों (महासभा) ने दावा किया कि यह समानता संयोगवश है। 

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