पश्चिम बर्धमान के जामुड़िया थाना क्षेत्र के पड़ासिया पंचायत के बेलबाद इलाके में श्मशान घाट की जमीन पर कब्जे की कोशिश के आरोप को लेकर रविवार को तनाव की स्थिति बन गई। श्मशान घाट की जमीन बचाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और कथित कब्जे के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व 16 आना कमेटी ने किया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सिंगारण नदी के किनारे बेलबाद-जोटजांकी इलाके में करीब 50 वर्षों से श्मशान घाट मौजूद है। लंबे समय से इलाके के लोग यहां अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं। आरोप है कि पिछले करीब एक सप्ताह से कुछ लोग JCB मशीन की मदद से श्मशान घाट की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी के विरोध में रविवार को 16 आना कमेटी के नेतृत्व में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर श्मशान घाट की जमीन को सुरक्षित करें।

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि इससे पहले भी श्मशान घाट की जमीन पर कब्जे की कोशिश की गई थी। उस समय स्थानीय लोगों के एकजुट होकर विरोध और आंदोलन करने के बाद जमीन को कब्जे से बचाया जा सका था। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि इस बार भी किसी भी हालत में श्मशान घाट की जमीन पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले भी इसी तरह की घटना होने पर पुलिस प्रशासन और पंचायत को लिखित शिकायत दी गई थी। इसके बावजूद दोबारा कब्जे की कोशिश का आरोप सामने आने से लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर श्मशान घाट की जमीन पर कथित कब्जे की कोशिश को तत्काल रोकने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में और बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
हालांकि, स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों में जिनका नाम सामने आया है, उनका कहना है कि जिस जमीन पर फिलहाल JCB से काम किया जा रहा है, वह श्मशान घाट की जमीन से काफी दूर है। उनका दावा है कि JCB से जिस जमीन पर काम चल रहा है, वह उनकी निजी जमीन है। इसलिए श्मशान घाट की जमीन पर कब्जे का आरोप सही नहीं है।
(रिपोर्ट- बिज्जू मंडल)
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