नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और रेल संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से देशभर में एक व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है। इस ऑडिट के तहत स्टेशनों पर मौजूद अग्नि सुरक्षा के सभी इंतजामों की बारीकी से जांच की जाएगी और जहां भी कमियां पाई जाएंगी, उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाएगा।
इन प्रमुख व्यवस्थाओं की होगी कड़ी जांच
रेलवे प्रशासन इस ऑडिट के दौरान स्टेशनों के हर उस हिस्से और सिस्टम की जांच करेगा, जो आग लगने की स्थिति में संवेदनशील हो सकते हैं या बचाव कार्य में काम आते हैं।
- शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं को रोकने के लिए बिजली की वायरिंग और पैनलों की जांच।
- एयर कंडीशनिंग और हवा की निकासी की व्यवस्था को परखा जाएगा, ताकि आपात स्थिति में धुआं जमा न हो।
- यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संकट के समय यात्रियों के बाहर निकलने के रास्ते खुले और बाधा रहित हों।
- स्टेशनों पर लगे अग्निशामक यंत्र चालू हालत में हैं या नहीं, इसकी जांच होगी।
- आग बुझाने के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता और ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम की कार्यक्षमता को परखा जाएगा।
आपात स्थिति से निपटने की तैयारी
इस विशेष ऑडिट का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का हर रेलवे स्टेशन आग जैसी किसी भी अप्रिय या आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए हर समय पूरी तरह तैयार रहे। ऑडिट के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा कि स्टेशनों पर लागू सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फायर सेफ्टी मानकों का कड़ाई से पालन हो रहा है या नहीं।
सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। ऑडिट के दौरान यह भी जांच की जाएगी कि स्टेशनों पर लागू सभी फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। जिन भी स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी या ढिलाई पाई जाएगी, वहां सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाएंगे।
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