कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से आज (बुधवार को) बड़ा हादसा हो गया है। यहां मलबे में 40 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई है और कई लोगों का इलाज अस्पताल में जारी है। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। यहां पहली मंजिल पर छत बनाने का काम चल रहा था, तभी अचानक लोहे से बना स्ट्रक्चर गिर गया, जिससे हादसा हो गया। अभी तक 13 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं।
हादसे में 3 मृतकों की मौत और कई गंभीर रूप से घायल
मृतकों में 30 साल के कृष्णा चौधरी, 40 साल के रोहित चौधरी और एक अज्ञात है। वहीं, दुर्बासा मल्ला, मणिचंद कुमार, शाहिद कुमार, विश्व प्रकाश, राजेश, बोदान मुंडा और रामप्रसाद चौधरी का अस्पताल में इलाज जारी है।
मलबे में 40 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका
हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि कुल कितने लोग मलबे में फंसे हैं। आशंका है कि 40 से ज्यादा लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। सेना और दमकलकर्मी बचाव अभियान में लगे हुए हैं। गैस कटर से स्ट्रक्चर काटकर लोगों को मलबे से निकालने की कोशिश चल रही है। तारातला में घटनास्थल पर मलबा हटाने के लिए क्रेनें लगाई गई हैं।
लोहे के बीम और कंक्रीट का मलबा मजदूरों पर गिरा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जब अचानक निर्माणाधीन छत गिरी, तो उस वक्त कई मजदूर बिल्डिंग के अंदर ही काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि हादसे में लोहे के बड़े बीम और कंक्रीट का मलबा नीचे मजदूरों पर आ गिरा, जिससे मजदूर मलबे के नीचे ही दब गए।
वीडियो में दिखा भयानक मंजर
हादसे के बाद का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स किसी को फोन पर कहता हुआ सुनाई दे रहा है कि सर जल्दी से आदमी भेजिए, यहां कई लोग मलबे में दबे हैं। कई लोगों की मौत हो गई है। इस वीडियो में लोहे के बड़े-बड़े बीम और कंक्रीट का मलबा गिरा हुआ दिखाई दे रहा है।
मंत्री डॉ. इंद्रनील खान ने TMC पर फोड़ा ठीकरा
पश्चिम बंगाल के मंत्री डॉ. इंद्रनील खान मौके पर पहुंच गए हैं। इस दुर्घटना पर मंत्री ने कहा, 'हमारी प्राथमिकता अंदर फंसे लोगों को बचाना है। सभी बचाव दल मौके पर मौजूद हैं। यह सब अवैध है, जिसका निर्माण तब हुआ था जब TMC सत्ता में थी।'
31 जुलाई तक कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में निर्णाण कार्य पर रोक
तारातला में गोदाम गिरने के हादसे के बाद, पश्चिम बंगाल सरकार ने 31 जुलाई तक कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में सभी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाने की घोषणा की है। तारातला की इस घटना में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और 18 लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, मलबे के नीचे अभी भी 12 से 15 लोगों के फंसे होने की आशंका है। पिछली TMC सरकार के दौरान जिन इमारतों और ऊंची इमारतों के प्लान को मंजूरी मिली थी, उन सभी का काम सेफ्टी ऑडिट होने तक बंद रहेगा। PWD, सिविल डिफेंस, कोलकाता पुलिस, कोलकाता नगर निगम और फायर सर्विस के अफसरों की एक ज्वाइंट टीम चल रहे निर्माण प्रोजेक्ट्स की जांच करेगी।
1 अगस्त से दोबारा मिलेगी काम शुरू करने की अनुमति
केवल उन्हीं प्रोजेक्ट्स को 1 अगस्त से काम दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी जो सुरक्षा और निर्माण के नियमों का पालन करते पाए जाएंगे। जरूरी सेवाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स को इस रोक से राहत दी जाएगी। बंगाल सरकार खास तौर पर कमर्शियल प्रोजेक्ट्स और ऐसी जगहों पर हो रहे निर्माण पर ध्यान देगी जिन्हें कथित तौर पर भरे गए जलाशयों पर बनाया गया है।
हावड़ा और बिधाननगर नगर निगम क्षेत्रों में भी होगी जांच
इसके बाद, हावड़ा और बिधाननगर नगर निगम क्षेत्रों में भी इसी तरह की सुरक्षा जांच की जाएगी। खबरों के मुताबिक, तारातला में गिरे गोदाम को 17 जनवरी को KMC से इजाजत मिली थी। यह जमीन कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की है और इसे शंभूनाथ बेहरा की लीडरशिप वाली बेहरा ब्रदर्स नाम की कंपनी को लीज पर दिया गया था। KMC इंजीनियरों की शुरुआती पड़ताल से पता चलता है कि इमारत का डिजाइन प्लान शायद खराब था। राज्य सरकार सोमवार को विधानसभा में पीड़ितों के परिवारों के लिए कानूनी कार्रवाई और मुआवजे की जानकारी देगी।