Malda Judicial Officers Attack: पश्चिम बंगाल में मालदा कालियाचक ब्लॉक 2 के SIR को लेकर 7 न्यायिक अधिकारियों के घेराव और हमले की घटना को लेकर कार्रवाई तेज हो गई है। इसकी जांच अब CBI को सौंप दी गई है। इससे पहले आज (गुरुवार को) सुप्रीम कोर्ट ने जरूरत पड़ने पर नेशनल इलेक्शन कमीशन से जांच एजेंसी चुनने को कहा था। फिर इलेक्शन कमीशन ने पूरे मामले की जांच CBI से कराने का फैसला किया। मालदा कालियाचक घटना में अब तक कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
न्यायिक अधिकारियों का मालदा में किया था घेराव
बता दें कि बीते बुधवार को मालदा के कालियाचक II ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस के बाहर भीड़ जमा हो गई थी और उसने SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यहां प्रदर्शनकारियों ने पहले न्यायिक अधिकारियों से मिलने की डिमांड की। लेकिन जब उनकी यह मांग नहीं मानी गई तो 7 न्यायिक अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया।
मालदा में नेशनल हाईवे को भी किया गया जाम
इसके बाद, मालदा में आज (गुरुवार को) सुबह भी प्रदर्शन हुआ। ओल्ड मालदा ब्लॉक के मंगलबाड़ी में नारायणपुर के BSF कैंप के पास नेशनल हाईवे 12 को रोक दिया गया। प्रदर्शनकारी, नेशनल हाईवे पर इकट्ठा हो गए और गाड़ियों की आवाजाही रोक दी। यह प्रदर्शन मालदा के इंग्लिश बाजार इलाके के जदुपुर में NH-12 पर हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर किया पथराव
मालदा में विरोध प्रदर्शन की वजह से हाईवे जाम हो गया। इसके बाद, जाम हटाने के प्रयास में पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं। भीड़ ने पुलिस और उनकी गाड़ियों पर पथराव किया। पुलिस की गाड़ी का एक ड्राइवर इस दौरान घायल भी हो गया। सुरक्षाबलों ने भीड़ को समझाने की कोशिश की और नेशनल हाईवे से हटने के लिए कहा। लेकिन प्रदर्शनकारी, नेशनल हाईवे से हटने को तैयार नहीं थे।