पश्चिम बंगाल की रासबिहारी विधानसभा सीट काफी खास है। यहां पर चार उम्मीदवारों के बीच रोचक मुकाबला होने जा रहा है। टीएमसी के मौजूदा विधायक देबाशीष कुमार अपनी सीट बचाने के लिए मैदान में हैं, जबकि बीजेपी ने वरिष्ठ पत्रकार, पूर्व राज्यसभा सांसद और पद्म भूषण पुरस्कार विजेता स्वप्न दासगुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा सीपीएम-एल ने मानस घोष और कांग्रेस ने आशुतोष चटर्जी को चुनावी मैदान में उतारा है। यह दक्षिण कोलकाता की शहरी सीट है।
काफी खास है स्वप्न दासगुप्ता की उम्मीदवारी
रासबिहारी सीट पर स्वप्न दासगुप्ता की उम्मीदवारी बीजेपी के लिए खास महत्व रखता है। दासगुप्ता को शहरी मध्यम वर्ग, बौद्धिक वोटरों और हिंदू समुदाय के वोटरों को अपने पक्ष में लाने के लिए उतारा गया है। वहीं, देबाशीष कुमार, जो विधानसभा में सरकार के चीफ व्हिप भी हैं। स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत बताते हैं और ममता बनर्जी की कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा जता रहे हैं।
2026 का चुनावी समीकरण
पश्चिम बंगाल में मुख्य लड़ाई टीएमसी बनाम बीजेपी की है। 2021 में ममता बनर्जी की टीएमसी ने 215 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी 77 सीटों पर सिमट गई थी। 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कुछ सुधार दिखाया, लेकिन टीएमसी राज्य में अभी भी मजबूत मानी जा रही है।
टीएमसी ने 21 हजार से ज्यादा वोटों से दर्ज की थी जीत
पिछले बार के विधानसभा चुनाव 2021 में रासबिहारी सीट पर टीएमसी ने चुनावी जीत दर्ज की थी। टीएमसी उम्मीदवार देबाशीष कुमार को 65,704 वोट मिले थे। बीजेपी के सुब्रत साहा को 44,290 वोट मिले थे। कांग्रेस से आशुतोष चटर्जी के 10,314 वोट ही मिले थे।पिछली बार इस विधानसभा में टीएमसी को 21,414 वोटों के अंतर से जीत मिली थी। मतदान प्रतिशत करीब 60.41% रहा था।