पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कोलकाता में NEET विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और पत्रकारों पर हुए 'बर्बर हमले' की निंदा की है। मुख्यमंत्री अधिकारी ने कोलकाता के एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और एक्स (X) पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विरोध प्रदर्शन में घायल हुए लोगों का बेहतरीन इलाज सुनिश्चित किया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों के लिए सर्वोत्तम संभव इलाज सुनिश्चित करें और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू करें। उन्होंने कहा, 'मैं आज कोलकाता में उपद्रवियों द्वारा पुलिसकर्मियों और पत्रकारों पर किए गए बर्बर हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। घायल हुए कई पत्रकारों का फिलहाल एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में इलाज चल रहा है। मैंने घायलों से मिलने के लिए अस्पताल का दौरा किया और व्यक्तिगत रूप से उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना।
सीएम अधिकारी ने कहा,'मैं घायल पत्रकारों से मिलने अस्पताल गया और व्यक्तिगत रूप से उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा। मैंने निर्देश जारी किए हैं कि उन्हें सर्वोत्तम संभव इलाज मिले। इसमें शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मैंने कोलकाता पुलिस आयुक्त (CP) से उपद्रवियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने को कहा है।'
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतव्रत बनर्जी ने भी एसएसकेएम अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की। ऋतव्रत बनर्जी ने कहा, 'आज SSKM अस्पताल में अपने घायल पत्रकार दोस्तों से मिला। मीडियाकर्मियों पर इस तरह के बर्बर और जघन्य हमले की निंदा करने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। गुंडों के खिलाफ सख्त कार्रवाई समय की मांग है।'
गुंडा दमन एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
सीएम अधिकारी ने कहा कि हमारी पुलिस को निर्देश दिया गया था कि पुलिस कोई बल प्रयोग न करें। जब तक यह कंट्रोल से बाहर न हो जाए। लेफ्ट फ्रंट का स्टूडेंट संगठन स्टूडेंट्स जैसा नहीं लगता। लेफ्ट का जुलूस शांति से चल रहा था। खिदिरपुर, मेटियाबुरूज, राजाबाजार, पार्क सर्कस से वोट में हारने वालों ने सप्लाई की है। वे डोरीना क्रॉसिंग पर आए और ईंटें और बोतलें फेंकी। उन्होंने पत्रकारों पर हमला किया। 6 पत्रकार गंभीर रूप से घायल हो गए।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा 'गुंडा दमन' एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। 6 लोगों ने FIR दर्ज कराई है। 70 लोगों की पहचान हो गई है। हम गुंडा दमन एक्ट के तहत कार्रवाई करेंगे।' उन्होंने कहा,' विधायक पत्रकारों पर हमले की निंदा करते हुए एक प्रोग्राम किया जाएगा विधानसभा परिसर में अंबेडकर प्रतिमा के सामने। वे अंबेडकर की मूर्ति के नीचे काले बैज लगाकर विरोध करेंगे। अगर अंडे फेंकना बंगाल का कल्चर नहीं है, तो पत्रकारों पर बोतलें फेंकना भी कल्चर नहीं है।'
पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को पूरे कोलकाता में कई विरोध प्रदर्शन हुए। 'ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन' (AIDSO) के सदस्यों ने नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर कोलकाता में प्रदर्शन किया, जिस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी बोतलें फेंकते हुए देखे गए।
डोरिना क्रॉसिंग पर छात्रों के प्रदर्शन पर बात करते हुए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एडीशनल सीपी) डीपी सिंह ने कहा, 'उनकी रैली अभी आ रही है और हम डोरिना पर इसके पूरी तरह से इकट्ठा होने का इंतजार कर रहे हैं। हम उनके नेताओं से बात कर रहे हैं ताकि कोलकाता के सबसे महत्वपूर्ण चौराहों में से एक डोरिना क्रॉसिंग पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। चूंकि यहां कई छोटे-छोटे समूह जमा हैं, इसलिए मैं उन्हें जल्द से जल्द डोरिना खाली करने के लिए समझाने की कोशिश कर रहा हूं।'
उन्होंने कहा, 'हमारे पास पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और हम किसी भी स्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं। हम बार-बार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन बना रहे ताकि कार्यक्रम समाप्त होने पर वे आराम से प्रस्थान कर सकें। उन्हें धर्मतल्ला तक जाने की अनुमति थी। चूंकि जुलूस धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, इसलिए पूरी रैली के आने तक हम उनसे आगे की बात नहीं कर सकते।'
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अभिषेक बनर्जी के हेल्थ कैंप "सेवा श्रॉय" को लेकर रखा अपना बयान
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि धोखेबाज भतीजे को कोई नहीं बचा सकता। एक बार अंदर जाने के बाद वह बाहर नहीं निकलेगा। टीएमसी विधायक दिलीप मंडल के गोदाम से एक्स-रे, अल्ट्रासोनोग्राफी, MRI मशीनें जब्त की गई हैं। उसने मरीज़ों को 2021 में एक्सपायर हो चुकी दवाएं दीं। एक डॉक्टर ने चिट्ठी लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। जितने भी लोगों को गलत ट्रीटमेंट दिया गया है, उनके खिलाफ कार्रवाई किया जाएगा।
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