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नाइजीरिया में बंदूकधारियों ने भरे बाजार में की ताबड़तोड़ फायरिंग, 50 लोगों की गई जान

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Apr 07, 2023 07:10 am IST,  Updated : Apr 07, 2023 02:25 pm IST

उत्तर मध्य नाइजीरिया के बेन्यू राज्य में गुरुवार को बंदूकधारियों ने कम से कम 50 लोगों की हत्या कर दी। हालांकि, अभी हमले की जिम्मेदारी किसी भी संगठन की तरफ से नहीं ली गई है। अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय चरवाहों पर हमले का संदेह था, जो पहले भी उत्तरी मध्य नाइजीरिया में जमीन के झगड़ों को लेकर किसानों से भिड़ चुके हैं।

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नाइजीरिया में बंदूकधारियों ने भरे बाजार में की ताबड़तोड़ फायरिंग, 50 लोगों की गई जान Image Source : FILE

Nigeria News: अमेरिका से आए दिन गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। लेकिन एक अफ्रीकी देश में बंदूकधारियों ने हद कर दी। अफ्रीकी देश नाइजीरिया में बड़ा नरसंहार हुआ है। यहां कुछ लोगों ने भरे बाजार में ताबड़तोड़ फायरिंग करना शुरू कर दिया और इस हमले में 50 लोगों की मौत हो गई। बताया जाता है कि ये स्थानीय चरवाहे थे, जिन्होंने इस बड़ी घटना को अंजाम दिया। उत्तर मध्य नाइजीरिया के बेन्यू राज्य में गुरुवार को बंदूकधारियों ने कम से कम 50 लोगों की हत्या कर दी। हालांकि, अभी हमले की जिम्मेदारी किसी भी संगठन की तरफ से नहीं ली गई है। अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय चरवाहों पर हमले का संदेह था, जो पहले भी उत्तरी मध्य नाइजीरिया में जमीन के झगड़ों को लेकर किसानों से भिड़ चुके हैं। 

ओटुक्पो स्थानीय सरकार के अध्यक्ष रुबेन बाको ने कहा कि बेन्यू राज्य के उमोगिदी गांव में बंदूकधारियों ने 47 लोगों की हत्या कर दी, जबकि एक दिन पहले भी बंदूकधारियों ने इसी स्थान पर 3 अन्य लोगों की हत्या कर दी थी। बेन्यू राज्य पुलिस के साथ एनेनी सेवुइस ने हमले की पुष्टि की और कहा कि हमलावरों ने बाजार में गोलीबारी की। 

हमला क्यों किया गया यह स्पष्ट नहीं हो पाया

अधिकारियों ने कहा कि हमले का शक स्थानीय चरवाहों पर जा रहा है। किसानों ने चरवाहों पर पशुओं को चराने और उनकी फसल को नष्ट करने का आरोप लगाया है। अधिकारियों के मुताबिक, चरवाहे कहते हैं कि फसल पशुओं के चराने के लिए है और जिसे पहली बार 1965 में देश को आजादी मिलने के बाद कानून द्वारा समर्थित किया गया। 

नाइजीरिया के उत्तर पश्चिम और मध्य क्षेत्रों में कृषि समुदायों और घुमंतू पशु चरवाहों के बीच दशकों से संघर्ष चला आ रहा है। हालांकि, इनके बीच आए दिन होने वालों झगड़ों की वजह से कृषि पैदावार में वर्षों से कमी आई है। ऐसे क्षेत्र में परिवार और अधिक सिकुड़ते जा रहे हैं और गरीबी व भूखमरी बढ़ रही हैं। 

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