1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अन्य देश
  4. फिलिस्तीन विरोधी पोस्ट करने पर गई भारतीय चिकित्सक की नौकरी, बहरीन के अस्पताल ने किया बर्खास्त

फिलिस्तीन विरोधी पोस्ट करने पर गई भारतीय चिकित्सक की नौकरी, बहरीन के अस्पताल ने किया बर्खास्त

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Oct 22, 2023 12:41 pm IST,  Updated : Oct 22, 2023 12:41 pm IST

इजरायल-हमास युद्ध के 16 दिन बीत चुके हैं। दोनों पक्षों में भीषण युद्ध जारी है। इस बीच बहरीन ने एक भारतीय डॉक्टर को फिलिस्तीन के विरोध में पोस्ट करने पर नौकरी से हटा दिया है। अस्पताल ने इसे नियमों का उल्लंघन बताया है। हालांकि भारत भी फिलिस्तीन के विरोध में नहीं है, मगर इजरायल पर हमास के आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है।

बहरीन की प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
बहरीन की प्रतीकात्मक फोटो Image Source : AP

इजरायल-हमास युद्ध के बीच बहरीन ने एक भारतीय चिकित्सक पर कड़ी कार्रवाई की है। बहरीन में 50 वर्षीय एक भारतीय चिकित्सक को फलस्तीन विरोधी ट्वीट करने पर नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। उसके नियोक्ता ने एक बयान में यह जानकारी दी। रॉयल बहरीन अस्पताल ने शुक्रवार को एक बयान में, डॉ.सुनील राव के ट्वीट को अस्पताल की आचार संहिता का उल्लंघन बताया और उन्हें बर्खास्त कर दिया। हालांकि, बाद में ट्वीट को हटा दिया गया था।

अस्पताल ने बयान में कहा, ''हमारे संज्ञान में आया था कि 'इंटरनल मेडिसिन' में विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत डॉ.सुनील राव ने सोशल मीडिया पर ऐसे ट्वीट किए, जो हमारे समाज के लिए आपत्तिजनक थे।'' बयान के मुताबिक, ''हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि उनके (डॉक्टर के) ट्वीट और विचारधारा व्यक्तिगत हैं और ये अस्पताल की राय और मूल्यों को प्रदर्शित नहीं करते हैं।'' अस्पताल ने कहा कि उसने आवश्यक कानूनी कार्रवाई की और डॉ.राव को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।

इजरायल हमास युद्ध को लेकर क्या है भारत का पक्ष

इजरायल हमास युद्ध को लेकर भारत इजरायल के पक्ष में है। हमास के हमले के तत्काल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल पर इस आतंकी हमले की निंदा की थी। पीएम मोदी ने इस युद्ध में इजरायल के साथ खड़े होने की बात कही थी। भारत के कहा था कि हमास एक आतंकी संगठन है और भारत किसी भी आतंकी हमले का विरोध करता है। हालांकि फिलिस्तीन और हमास में भारत ने फर्क भी बताया था। बाद में पीएम मोदी ने फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बासी से भी फोन पर बातचीत करके उन्हें मानवीय सहायता भेजवाया। इस प्रकार भारत ने दुनिया के मंच पर यह साफ कर दिया कि वह आतंक के साथ नहीं है। मगर फिलिस्तीन से उसका विरोध नहीं है। वहीं भारत ने इजरायल के साथ अपनी मजबूत दोस्ती का दम भी दिखाया। (भाषा) 

यह भी पढ़ें

अमेरिका जाने से पहले "चीन को चखना" दे गए ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री, जो बाइडेन और शी जिनपिंग दोनों पड़े चक्कर में

इजरायल-हमास युद्ध कराने वाले का सामने आ गया नाम, खुद ही बताया-"ये जंग कराने में हमारी है अहम भूमिका"

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Around the world से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश