ईरान ने साइप्रस में ब्रिटेन के सैन्य ठिकाने पर हमला किया है। साइप्रस में ब्रिटेन के हजारों सैनिक तैनात हैं। यहां दो मिसाइलें दागी गई हैं। ब्रिटेन के सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया है। हालांकि, इस हमले से हुए नुकसान की पुष्टि नहीं हो पाई है। यह साइप्रस और ब्रिटेन पर ईरान का पहला हमला है। इससे पहले ईरान ने अपने पड़ोसी देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। पहली बार ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया है। सैन्य ठिकानों के अलावा ईरान ने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी कंपनियों के ऑफिसों को भी निशाना बनाया है। कई होटलों, इमारतों और एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ है। ईरान अब तक अपने 10 पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर चुका है।
अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हजारों बम बरसाए हैं। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई भी मारे जा चुके हैं। खामेनेई की जगह नए सुप्रीम लीडर के नाम का भी ऐलान हो चुका है। खामेनेई के बेटे को यह जिम्मेदारी दी गई है।
ईरान में 200 से ज्यादा मौतें
अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। एक स्कूल में हुए हमले में 80 से ज्यादा लड़कियों के मारे जाने की खबर है। वहीं, ईरान के जवाबी हमले में भी कई लोग मारे गए हैं और अन्य घायल हुए हैं। ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुलरहीम मूसावी की भी मौत हो चुकी है। खामनेई के बाद अराफी को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है।
पाकिस्तान में हो रहे प्रदर्शन
पाकिस्तान में कई शिया मुसलमानों ने खामेनेई के मारे जाने के बाद अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान आगजनी भी की और अमेरिकी दूतावास में घुसने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षाबलों ने गोलीबारी की। इस गोलीबारी में 10 लोगों की मौत हो गई। ईरान ने कहा है कि मध्य पूर्व में अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाना जारी रखेगा। इस बीच सऊदी अरब और यूएई समेत कई देशों ने सुरक्षा के लिहाज से अपने एयरपोर्ट बंद कर दिए हैं। भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु समेत कई भारतीय हस्तियां दुबई में फंसी हुई हैं।
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