सना (यमन): यमन की राजधानी सना में बुधवार को हुए इजरायली सेना के हवाई हमलों में कम से कम 35 हूतिये मारे गए हैं। जबकि 130 से अधिक लोग घायल हो हुए हैं। यह हमला हूती विद्रोहियों को निशाना बनाकर किया गया था। हूती विद्रोहियों द्वारा संचालित यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने खुद 35 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है।
इजरायल ने यमन के सैन्य मुख्यालय और ईंधन डिपो को उड़ाया
मंत्रालय के अनुसार अधिकतर मौतें राजधानी सना में हुईं, जहां सैन्य मुख्यालय और एक ईंधन स्टेशन को हवाई हमलों से मुख्य निशाना बनाया गया। हवाई हमलों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमला उस समय किया गया जब राजधानी में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं। अचानक हुए हमलों से नागरिकों में अफरातफरी मच गई और अस्पतालों में घायल लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
इजरायल पर यमन ने पहले किया था ड्रोन हमला
इजरायल ने यमन पर यह हमला तब किया, जब हूती विद्रोहियों ने तेल अवीव के एक हवाई अड्डे पर ड्रोन से हमला किया था। इजरायल ने इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला मानते हुए कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को और बढ़ा सकती है। इजरायल और हूती विद्रोहियों के बीच पहले से ही टकराव की स्थिति बनी हुई है, और यह नया हमला उस टकराव को एक खतरनाक मोड़ पर ले जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय समुदायों ने की शांति की अपील
इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदायों ने इस हिंसा पर चिंता जताई है और संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से बातचीत के माध्यम से विवाद सुलझाने का आह्वान किया है। फिलहाल यमन की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं। (एपी)