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UNSC में भारत की स्थाई सदस्यता का त्रिनिदाद और टोबैगो ने किया पूर्ण समर्थन, संस्था पर बढ़ेगा दबाव

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Jul 05, 2025 01:37 pm IST,  Updated : Jul 05, 2025 01:37 pm IST

पीएम मोदी की यात्रा के दौरान त्रिनिदाद और टोबैगो ने खुलकर संयुक्त राष्ट्र में भारत को स्थाई सदस्य बनाने जाने की मांग का समर्थन किया है।

पीएम मोदी और त्रिनिदाद की पीएम कमला बिसेसर। - India TV Hindi
पीएम मोदी और त्रिनिदाद की पीएम कमला बिसेसर। Image Source : AP

पोर्ट ऑफ स्पेन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की त्रिनिदाद एवं टोबैगो की ऐतिहासिक द्विपक्षीय यात्रा के दौरान इस कैरेबियाई देश ने खुलकर संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई सदस्यता का समर्थन किया है। वहीं भारत ने भी 2027-29 के लिए यूएन में त्रिनिदाद एवं टोबैगो की अस्थाई सीट की उम्मीदवारी के लिए समर्थन देने का वचन दिया है। दोनों देशों को फोकस संयुक्त राष्ट्र की स्थाई और अस्थाई सदस्यों की संख्या बढ़ाने और अन्य आवश्यक सुधारों को लेकर है। इससे पहले तमाम अन्य देश भी भारत की स्थाई सदस्यता का समर्थन कर चुके हैं। ऐसे में वैश्विक संस्था पर दबाव और बढ़ेगा।

भारत-त्रिनिदाद में दोस्ती हुई गहरी

भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो की दोस्ती को पीएम मोदी की यात्रा ने और गहरी कर दिया है। दोनों देशों के बीच इस दौरान बुनियादी ढांचे, औषधि, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, डिजिटल परिवर्तन, एकीकृत भुगतान प्रणाली (UPI), क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यह 1999 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस कैरेबियाई देश की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में बृहस्पतिवार को पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे थे।

संयुक्त राष्ट्र में परस्पर समर्थन

शनिवार को जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि त्रिनिदाद और टोबैगो ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का पूर्ण समर्थन दोहराया है। इसके अतिरिक्त, भारत ने 2027-28 के लिए त्रिनिदाद की अस्थायी सीट की उम्मीदवारी का समर्थन करने का आश्वासन दिया है, जबकि त्रिनिदाद ने 2028-29 की अवधि के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन करने पर सहमति जताई है। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया ताकि यह संस्था वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं को बेहतर तरीके से प्रतिबिंबित कर सके। उन्होंने भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक संघर्षों के बीच संवाद और कूटनीति को ही आगे का रास्ता बताया।

आतंक के खिलाफ भी भारत के साथ त्रिनिदाद

प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता को "ऐतिहासिक" बताया गया। बिसेसर ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करेगी। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले पर भारत के प्रति त्रिनिदाद एवं टोबैगो के समर्थन की सराहना की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।

पीएम मोदी ने त्रिनिदाद की संसद को किया संबोधित

अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने त्रिनिदाद की संसद को संबोधित किया। उन्होंने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और खेल जगत विशेष रूप से क्रिकेट में गहरे संबंधों की चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के सबसे बड़े प्रशंसकों में भारतीय भी शामिल हैं जब तक वे भारत के खिलाफ न खेल रहे हों। उन्होंने त्रिनिदाद के विकास में भारतीय मूल के लोगों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा, "राजनीति से लेकर कविता, क्रिकेट से वाणिज्य, कैलिप्सो से चटनी तक भारतीय मूल के लोग हर क्षेत्र में योगदान कर रहे हैं। वे इस देश की जीवंत विविधता का हिस्सा हैं, जिसे आप गर्व से संजोते हैं।" (भाषा)

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