1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. चीन ने कहा, अमेरिका हमारे छात्रों और रिसर्चर्स का जानबूझकर उत्पीड़न कर रहा है

चीन ने कहा, अमेरिका हमारे छात्रों और रिसर्चर्स का जानबूझकर उत्पीड़न कर रहा है

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 04, 2020 07:08 am IST,  Updated : Aug 04, 2020 07:08 am IST

चीन ने सोमवार को अमेरिका पर आरोप बेहद ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह चीनी छात्रों और शोधकर्ताओं ‘पर नजर रख रहा है, उनका उत्पीड़न कर रहा है और जानबूझकर उन्हें हिरासत में ले रहा है।’

China accuses United States, Juan Tang, Juan Tang China, Juan Tang United States- India TV Hindi
Juan Tang in her China People's Liberation Army military uniform. Image Source : AP FILE

बीजिंग: चीन ने सोमवार को अमेरिका पर आरोप बेहद ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह चीनी छात्रों और शोधकर्ताओं ‘पर नजर रख रहा है, उनका उत्पीड़न कर रहा है और जानबूझकर उन्हें हिरासत में ले रहा है।’ कैलिफोर्निया में एक यूनिवर्सिटी की एक रिसर्चर जुआन टांग पर आरोप है कि उसने अमेरिका में आने के लिए चीन की सेना और कम्युनिस्ट पार्टी से अपने संबंधों के बारे में झूठ बोला और इस कारण उसे जमानत नहीं मिली। इस कार्रवाई से बौखलाए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन का यह बयान आया है।

‘जुआ टांग की मदद नहीं करेगा चीन’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग ने कहा कि देश से जाने वाली जुआन टांग का सहयोग करने का चीन का कोई इरादा नहीं है। बहरहाल उन्होंने कहा कि चीन अमेरिका से आग्रह करता है कि ‘कानून के मुताबिक मामले में निष्पक्ष तरीके से निपटा जाए और टांग की सुरक्षा और उचित अधिकारों को सुनिश्चित किया जाए। कुछ समय से अमेरिका चीनी छात्रों और शोधकर्ताओं पर नजर रख रहा है, उनका उत्पीड़न कर रहा है और जानबूझकर उन्हें हिरासत में ले रहा है।’

जज ने जमानत देने से किया इनकार
उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी की कार्रवाई चीनी नागरिकों के वैध अधिकारों और हितों का गंभीर उल्लंघन है और इससे चीन और अमेरिका के बीच सामान्य संस्कृति और कर्मियों के आदान-प्रदान का कार्यक्रम गंभीर रूप से बाधित हुआ है।’ जमानत से इनकार करते हुए अमेरिका के मैजिस्ट्रेट जज देबोरा बर्न्स ने कहा कि टांग (37) को अगर रिहा किया जाता है तो वह देश छोड़ देगी। टांग को 23 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह बिना जमानत के गिरफ्तार है। उसने अस्थमा के इलाज के लिए सैन फ्रांसिस्को स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास को छोड़ दिया था।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश