अदन: यमन के अदन शहर में कोलकाता की संस्था मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा चलाए जा रहे एक वृद्धाश्रम पर आतंकवादियों ने आज हमला किया और वहां के लोगों की हत्या करने से पहले उन्हें हथकडि़यां पहना दीं। हमले में चार भारतीय नन सहित 16 लोग मारे गए हैं। जिबूती स्थित भारतीय कैंप कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि दो-चार आतंकवादियों ने वृद्धाश्रम के सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वे अपनी माताओं से मिलने आएं हैं और वे गेट खोल दें। भीतर घुसने के बाद उन्होंने सबसे पहले दरबान की हत्या कर दी और फिर अंदर मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे।
उन्होंने बताया कि अदन के शेख ओथमान जिले में वृद्धाश्रम पर यह हमला शाम करीब साढ़े बारह बजे हुआ, जिसमें चार भारतीय नन सहित कम से कम 16 लोग मारे गए। अधिकारियों ने बताया, हमले के तुरंत बाद हमलावर वहां से फरार हो गए। क्षेत्र की घेराबंदी कर ली गयी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि सरकार हमले में मारे गए भारतीयों की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, हम भारतीय पीड़ितों की सूचनाओं का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
बढ़ती हुई हिंसा के मद्देनजर यमन की राजधानी सना में स्थित भारतीय दूतावास को पिछले वर्ष बंद कर दिया गया और सारा कामकाज पड़ोसी राष्ट्र जिबूती से चल रहा है। अदन में अल-कायदा और आईएसआईएस के हमलों में तेजी आयी है। प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के मुताबिक, दो बंदूकधारी वृद्धाश्रम के बाहर खड़े थे जबकि अन्य चार अंदर घुस आए।
उन्होंने बताया कि बंदूकधारियों ने कमरों में घूम-घूम कर पीडि़तों के हाथों में हथकड़ी लगायी और बाद में उनके सिरों में गोली मार दी। एक नन इस हमले में बच निकली। उसे स्थानीय लोगों ने बचा लिया। उसने बताया कि एक यमनी सुरक्षा कर्मी द्वारा भागो-भागो की आवाज सुनकर वह स्टोर रूम के फ्रिज में छुप गयी थी। मदर टेरेसा के संगठन मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा चलाए जा रहे इस वृद्धाश्रम में करीब 80 लोग रह रहे थे।