1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई का फतवा, टीवी पर महिला कार्टून कैरेक्टर्स को पहनना होगा हिजाब

ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई का फतवा, टीवी पर महिला कार्टून कैरेक्टर्स को पहनना होगा हिजाब

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 24, 2021 11:11 pm IST,  Updated : Feb 24, 2021 11:29 pm IST

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने एक नया फतवा जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि देश के टीवी चैनल पर दिखने वाले महिला कार्टून कैरेक्टर को भी हिजाब पहनना होगा।

Ayatollah Ali Khamenei, Ayatollah Ali Khamenei Hijab, Khamenei Issues Fatwa, Khamenei Fatwa Hijab- India TV Hindi
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई से सवाल पूछा गया था कि क्या एनिमेटेड पात्रों में भी महिलाओं के लिए हिजाब पहनना जरूरी है। Image Source : AP FILE

तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने एक नया फतवा जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि देश के टीवी चैनल पर दिखने वाले महिला कार्टून कैरेक्टर को भी हिजाब पहनना होगा। तस्नीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, खामनेई से सवाल पूछा गया था कि क्या एनिमेटेड पात्रों में भी महिलाओं के लिए हिजाब पहनना जरूरी है। ईरान के सर्वोच्च नेता ने इस सवाल के जवाब में कहा कि यूं तो परिकल्पित स्थितियों में हिजाब की जरूरत नहीं होती, लेकिन हिजाब नहीं पहनने से जो असर हो सकता है, उसको देखते हुए एनिमेशन फिल्मों की महिला कैरैक्टर्स को भी हिजाब पहनना चाहिए।

‘क्या लड़कियां हिजाब पहनने से मना कर देंगी’

ईरान के सुप्रीम लीडर के इस फतवे के बाद उनकी आलोचना भी शुरू हो गई है। देश के कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने खामनेई के फतवे की आलोचना करते हुए सवाल किया है कि क्या उन्हें डर है कि लड़कियां आगे चलकर हिजाब पहनने से मना कर देंगी? उन्होंने कहा कि सत्ता में जो लोग हैं वे शायद समझते हैं कि उन्हें महिलाओं को लेकर कोई भी फैसला देने का हक है। ईरानी पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने खामेनेई के फैसले को लेकर ट्वीट किया- 'यह कोई मजाक नहीं है! ईरान के सुप्रीम लीडर ने घोषणा कर दी है कि एनिमेशन फिल्मों में भी महिलाओं को हिजाब पहनना चाहिए।'

महिला की मौत के बाद भी दी गई थी फांसी
बता दें कि हाल ही में ईरान में अपनी फांसी का इंतजार कर रही महिला जहरा इस्माइली को हार्ट अटैक से मौत के बावजूद उसकी लाश को फांसी दी गई थी। जहरा के वकील ओमद मोरादी ने दावा किया था कि उनकी मुवक्किल की मौत फांसी के पहले ही हो गई थी, लेकिन मृतक की मां द्वारा फांसी के स्टूल को धक्का दिए जाने के अधिकार का पालन करवाने के लिए जहरा को फांसी से लटकाया गया। बता दें कि जहरा अपने पति की हत्या की दोषी पाई गई थी और उसकी सास को फांसी के स्टूल को धक्का देने का अधिकार मिला था।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश