1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. इजराइल में कोविड की बूस्टर डोज लगाने का काम शुरू, सबसे पहले राष्ट्रपति को दिया गया शॉट

इजराइल में कोविड की बूस्टर डोज लगाने का काम शुरू, सबसे पहले राष्ट्रपति को दिया गया शॉट

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 30, 2021 06:47 pm IST,  Updated : Jul 30, 2021 06:47 pm IST

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए इजरायल ने वैक्सीन की तीसरी खुराक यानी बूस्टर डोज देनी शुरू कर दी है। बूस्टर डोज 60 साल से अधिक उम्र के नागरिकों को ही दी जाएगी। इसका उद्देश्य हाल में संक्रमण के मामलों में तेजी से हुई वृद्धि को रोकना है।

Israel delivers booster shots of corona vaccine to people over 60- India TV Hindi
कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए इजरायल ने बूस्टर डोज देनी शुरू कर दी है। Image Source : AP

यरूशलम: कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए इजरायल ने वैक्सीन की तीसरी खुराक यानी बूस्टर डोज देनी शुरू कर दी है। बूस्टर डोज 60 साल से अधिक उम्र के नागरिकों को ही दी जाएगी। इसका उद्देश्य हाल में संक्रमण के मामलों में तेजी से हुई वृद्धि को रोकना है। वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों को यह बूस्टर डोज दी जा रही है। इजराइली प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने बृहस्पतिवार को यह घोषणा की और इस तरह इजराइल अपने नागरिकों को व्यापक स्तर पर पश्चिमी वैक्सीन की तीसरी डोज देने वाला पहला देश हो गया है।

बेनेट ने शुक्रवार को इस अभियान की शुरूआत पर कहा, ‘‘इजराइल 60 वर्ष और इससे अधिक आयु के लोगों को तीसरी खुराक देने की दिशा में अग्रणी है। ’’ इस अभियान की शुरुआत इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने तीसरी डोज लगवाकर की है। 60 साल के हर्जोग ने तेल अवीव के पास स्थित रमत गन के शेबा मेडिकल सेंटर में फाइजर बायोएनटेक की कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज ली।

बूस्टर शॉट कार्यक्रम को शुरू करने से एक दिन पहले पीएम बेनेट ने कहा था कि इजरायल में पहले ही 2000 लोगों को तीसरी खुराक दी जा चुकी है। इस दौरान किसी भी व्यक्ति पर वैक्सीन का कोई भी गंभीर प्रभाव देखने को नहीं मिला। 

देश की 57 प्रतिशत आबादी को फाइजर/बायोएनटेक वैक्सीन की दोनों खुराक लग चुकी है और 40 वर्ष से अधिक आयु के 80 प्रतिशत से ज्यादा लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। बताया जा रहा है कि इजरायल में लोगों को दी जा रही बूस्टर शॉट बाकी देशों के लिए एक अध्ययन का भी काम करेगा। इससे मिले अनुभवों से अमेरिका समेत बाकी देश भी सीख सकेंगे। 

ये भी पढ़ें

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश