1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. UN में उर्दू में भाषण न देना कैसे पड़ा नवाज़ शरीफ पर भारी, जानिए

UN में उर्दू में भाषण न देना कैसे पड़ा नवाज़ शरीफ पर भारी, जानिए

 Written By: India TV News Desk
 Published : Oct 24, 2015 09:56 pm IST,  Updated : Oct 24, 2015 09:56 pm IST

इस्लामाबाद: संयुक्त राष्ट्र महासभा में उर्दू में भाषण नहीं देने को लेकर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ अदालती अवमानना का मामला चलाने की मांग की गई है क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन

UN में उर्दू में भाषण न...- India TV Hindi
UN में उर्दू में भाषण न देना नवाज़ शरीफ पर पड़ा भारी

इस्लामाबाद: संयुक्त राष्ट्र महासभा में उर्दू में भाषण नहीं देने को लेकर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ अदालती अवमानना का मामला चलाने की मांग की गई है क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हुआ है। याचिकाकर्ता का कहना है कि जब भारत, रूस और चीन के नेता अपनी-अपनी भाषा में भाषण दे सकते हैं, तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री क्यों नहीं?

पाक सुप्रीम कोर्ट ने कहा था नेता उर्दू में दें भाषण

सितंबर महीने में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि वह उर्दू को आधिकारिक भाषा बनाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 251 के क्रियान्वयन को लेकर कदम उठाए। पाकिस्तान की सबसे बड़ी अदालत ने यह भी कहा था कि नेताओं और अधिकारियों को भाषणों और औपचारिक संवाद में अंग्रेजी की बजाय उर्दू भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

याचिकाकर्ता ने सुप्रीमकोर्ट के आदेश को आधार बनाया

समाचार पत्र द डॉन ने खबर दी है कि याचिकाकर्ता जाहिद गनी ने बीते आठ सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए आदेश का हवाला दिया जिसमें संघीय एवं प्रांतीय सरकारों से कहा गया था कि वे बिना विलंब किए उर्दू को अधिकारिक भाषा के तौर पर इस्तेमाल करें।

सब अपनी भाषा में भाषण देते हैं, तो पाक प्रधानमंत्री क्यों नहीं

उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे, भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो, ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी तथा यूक्रेनी राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको सहित कई विश्व नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को अपनी राष्ट्रीय भाषाओं में संबोधित किया।

नवाज़ शरीफ के खिलाफ मकदमा चलाने की मांग

याचिका में कहा गया है कि प्रधानमंत्री शरीफ ने अपराध किया है तथा ऐसे में उनके खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 204 के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिए। इससे पहले एक और व्यक्ति ने याचिका दायर कर शरीफ के खिलाफ अदालती अवमानना का मामला चलाने का आग्रह किया था।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश