पेशावर: पाकिस्तान में आज एक बहुत बड़ा आतंकी हमला हुआ है। पेशावर के नजदीक एक यूनिवर्सिटी में हथियारबंद आतंकी घुस गए और उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग और ग्रेनेड से हमला कर दिया। इस यूनिवर्सिटी के छात्र से लेकर टीचर सब इस हमले का शिकार हुए। इस आतंकी हमले में मरने वालों की तादाद 25 बताई जा रही है लेकिन पूरी यूनिवर्सिटी में तलाशी का काम अभी भी चल रहा है।
छात्रों को चुन-चुन कर बनाया निशाना
पाकिस्तान में पेशावर के नजदीक बसी बाचा खान यूनिवर्सिटी में आज की सुबह खून से सनी हुई थी। आतंकियों ने यूनिवर्सिटी के छात्रों, टीचर्स और सिक्योरिटी गार्ड्स को चुन-चुनकर निशाना बनाया और ज्यादातर लोगों के सिर पर गोली मारी।
...जब यूनिवर्सिटी के अंदर घुसे आतंकी
इस ख़ौफनाक आतंकी हमले की शुरुआत हुई आज सुबह-सुबह। जैसे ही यूनिवर्सिटी खुली, ऑटोमेटिक हथियारों और गोलाबारुद से लैस आतंकी यूनिवर्सिटी के पिछले हिस्से से घुस आए। घुसते ही उन्होंने यूनिवर्सिटी के अंदर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। तब हॉस्टल से लेकर यूनिवर्सिटी के तमाम डिपार्टमेंट्स में करीब 3 हजार लोग मौजूद थे। अचानक गोलियां बरसने लगीं तो लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर छिपने लगे। किसी ने वॉशरूम में छिपकर अपनी जान बचाई तो कोई जान बचाने के लिए मेज के नीचे छिप गया।
सॉफ्ट टारगेट थी यूनिवर्सिटी
आतंकियों के लिए बाचा खान यूनिवर्सिटी एक सॉफ्ट टारगेट थी, क्योंकि वो शहर से दूर बसी है। इसीलिए आतंकी हमला होने के बाद जब तक पुलिस और सेना पहुंचती, तब तक आतंकी यूनिवर्सिटी में छात्रों, प्रोफेसरों और सिक्योरिटी गार्ड्स को लहूलुहान कर चुके थे। इस पूरे ऑपरेशन में करीब 3 घंटे लग गए।
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आम दिनों के मुकाबले यूनिवर्सिटी में आज ज्यादा भीड़-भाड़ थी क्योंकि खान अब्दुल गफ्फार खान उर्फ बाचा खान जिनके नाम पर ये यूनिवर्सिटी बनी है, आज उनकी बरसी है। बाचा खान की पुण्यतिथि पर मुशायरे का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाहर से 600 मेहमान आए हुए थे। आतंकियों ने हमले के लिए आज ही का दिन चुना क्योंकि वो जानते थे कि आज ज्यादा दहशत फैला सकते हैं।
4 घंटे तक चला मौत का खूनी खेल
आतंकी आज करीब 4 घंटे तक बाचा खान यूनिवर्सिटी में मौत का खूनी खेल खेलते रहे और पाकिस्तानी आर्मी के जवान उन्हें मार गिराने के लिए जूझते रहे। ऑपरेशन इतना लंबा खिंचा, इसकी सबसे बड़ी वजह यूनिवर्सिटी का ये कैंपस है। अगल-बगल दूर-दूर तक खेत ही खेत हैं और बीच में यूनिवर्सिटी बनी है। असल में ये विश्वविद्यालय चरसद्दा शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर है। इसी वजह से पुलिस को आने में करीब 1 घंटे का वक्त लग गया।
पुलिस सुबह 10 बजे आई तब तक आतंकी बहुत खून-खराबा कर चुके थे। 1 घंटे तक कोई इनको रोक नहीं पाया।
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