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पाकिस्तानी अदालत का भारतीय सिख महिला की अर्जी पर 3 दिन में फैसला करने का निर्देश

 Reported By: Bhasha
 Published : Apr 20, 2018 07:57 pm IST,  Updated : Apr 20, 2018 07:57 pm IST

लाहौर उच्च न्यायालय ने गृह मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह पाकिस्तानी नागरिकता और अपने वीजा की अवधि बढ़ाने का अनुरोध करने वाली भारतीय महिला की अर्जी पर 3 दिन के भीतर निर्णय करे...

Representational Image | PTI- India TV Hindi
Representational Image | PTI

लाहौर: लाहौर उच्च न्यायालय ने गृह मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह पाकिस्तानी नागरिकता और अपने वीजा की अवधि बढ़ाने का अनुरोध करने वाली भारतीय महिला की अर्जी पर 3 दिन के भीतर निर्णय करे। यह महिला यहां सिखों के बैसाखी महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए आई थी लेकिन उसने यहां एक स्थानीय युवक से विवाह करने के बाद इस्लाम धर्म अपना लिया। पंजाब के होशियारपुर जिला निवासी मनोहर लाल की पुत्री किरण बाला (आमना बीबी) बैसाखी महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए गत 12 अप्रैल को एक विशेष ट्रेन से लाहौर आई थी। महिला ने यहां की अपनी यात्रा के दौरान इस्लाम अपना लिया और लाहौर के हिंगरवाल निवासी एक व्यक्ति से गत 16 अप्रैल को निकाह कर लिया।

एक अदालत के अधिकारी ने सुनवाई के बाद बताया, ‘लाहौर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जवादुल हसन ने गृह मंत्रालय को आमना बीबी (किरण बाला) की अर्जी पर आगामी सोमवार तक निर्णय करने के लिए कहा जिसमें उसने पाकिस्तानी नागरिकता और अपने वीजा की अविध बढ़ाने का अनुरोध किया है।’ उन्होंने कहा कि भारतीय महिला ने लाहौर उच्च न्यायालय में अपनी अर्जी अधिवक्ता इजाज अहमद के जरिये दायर की है। उन्होंने बताया कि न्यायाधीश ने भारतीय महिला और उसके पाकिस्तानी पति को निर्देश दिया कि वे सोमवार को गृह मंत्रालय के कार्यालय में निजी तौर पर पेश हों।

भारतीय महिला अपने पति मोहम्मद आजम के साथ अदालत में पेश हुई। उसने कहा कि लाहौर के आजम के साथ निकाह अपनी मर्जी से किया है, किसी के दबाव में आकर नहीं। उसने कहा, ‘मैं एक पाकिस्तानी व्यक्ति से निकाह करके पाकिस्तान में रहना चाहती हूं। मैं यहां पर अपने पति के साथ बहुत खुश हूं और वापस नहीं जाना चाहती। मैंने इस्लाम अपना लिया है और मेरा नया नाम आमना है। एक पाकिस्तानी व्यक्ति से विवाह करने के बाद मैं पाकिस्तानी नागरिकता कानून 1951 की धारा 10 (2) के तहत नागरिकता प्राप्त करने की हकदार हूं।’

महिला ने इसके साथ ही अदालत से अनुरोध किया कि वह गृह मंत्रालय को उसका वीजा बढ़ाने का निर्देश दे ताकि वह पाकिस्तान में अपने पति के साथ रह सके। पाकिस्तान और भारत के बीच तब कड़वाहट उत्पन्न हो गई जब भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह बैसाखी महोत्सव का इस्तेमाल भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को ‘खालिस्तान’ मुद्दे पर भड़काने के लिए कर रहा है। पाकिस्तान ने इस आरोप को खारिज किया है। पहले सऊदी अरब में काम करने वाले आजम ने अदालत परिसर में कहा कि वह किरण बाला से निकाह करने के लिए देश लौटा है। उसने कहा, ‘हम फेसबुक के जरिए मित्र बने और हमने निकाह करने का निर्णय किया।’

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