अबु धाबी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दो दिन के दौरे पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जा रहे हैं और सोमवार को दुबई में होने वाले उनके स्वागत समारोह के लिए हजारों की संख्या में भारतीय प्रवासियों ने पंजीकरण कराया है। भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद मोदी बीते 34 सालों में यूएई की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।
मोदी अबु धाबी के युवराज और यूएई के सशस्त्र बलों के उप-सर्वोच्च कमांडर जनरल शेख मोहम्मद बिन जाएद अल नाहयान के आमंत्रण पर यूएई जा रहे हैं।
दुबई के क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होने वाले समारोह के आयोजकों को 50,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
इस बीच सोमवार के आयोजन के लिए तैयारियां जोरों पर हैं।
मोदी के दौरे और सार्वजनिक स्वागत समारोह की तैयारियों को लेकर वाणिज्यदूतावास में इंडियन वेलफेयर कमेटी की 10 अगस्त को एक बैठक हुई थी।
यूएई में स्थित प्रवासी बंधु वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष के.वी. शमसुद्दीन ने कहा कि 26 लाख प्रावासी भारतीयों को भारतीय प्रधानमंत्री से काफी उम्मीदें हैं।
मोदी अपनी यात्रा के दौरान दुबई के शासक और यूएई के प्रधानमंत्री तथा उपराष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम से भी मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच होने वाली वार्ता का मुख्य लक्ष्य व्यापार, निवेश और सुरक्षा सहयोग होगा।
उन्होंने कहा, "प्रवासी भारतीय कई दशकों से मांग कर रहे हैं कि पीक सीजन के दौरान हवाई किराया बढाने वाले विमानन कंपनियों के शोषण को रोका जाए। लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है।"
उन्होंने कहा कि भारत को देश में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भारी रकम की जरूरत है और अगर अनिवासी भारतीयों के लिए नियम सरल कर दिए जाएं तो इससे प्रवासी भारतीय बड़ी मात्रा में निवेश कर पाएंगे।
शमसुद्दीन ने कहा कि उन्होंने पहले से ही प्रधानमंत्री को लिखित में दे दिया है कि प्रवासियों के लिए वर्तमान निवेश योजना 'महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना' को सरल कर दिया जाए, जिससे कि सभी भारतीय प्रवासी इसमें हिस्सा ले सकें।
इस बीच मोदी के स्वागत की तैयारियां पूरे जोरो-शोरों पर है। आगंतुकों की सुविधा और सुरक्षा से संबंधित सभी तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं।