वाशिंगटन: अमेरिका के एक शीर्ष सीनेटर ने कहा है कि पाकिस्ताएन के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की यह स्वीकारोक्ति आश्चर्यचकित करने वाली नहीं है कि पाकिस्तान ने लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठनों को मदद एवं प्रशिक्षण दिया था। उन्होंने कहा कि मुंबई हमलों के हमलावरों और पाकिस्तान सरकार के कुछ तत्वों के बीच संबंधों को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। विदेशी संबंध और सशस्त्र सेवा मामलों की दो शक्तिशाली सीनेट समितियों में शामिल प्रभावशाली डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम कैनी ने कहा, मैं आश्चर्यचकित नहीं हूं मेरा मानना है कि 2008 के मुंबई हमले में पाकिस्तान सरकार के कुछ तत्वों और लश्कर ए तैयबा के बीच संबंधों के बारे में सबूत को नकारना काफी मुश्किल है।
कैनी डिफेंस राइटर्स ग्रुप से बात कर रहे थे। उनसे मुशर्रफ की इन टिप्पणियों के बारे में पूछा गया कि पाकिस्तान ने लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठनों का समर्थन किया और उनकी मदद की। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि उन हमलावरों और पाकिस्तान सरकार के कुछ तत्वों के बीच संबंध को पूरी तरह नकारा जा सकता है। पिछले हफ्ते कैनी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से तब मुलाकात की थी जब वह अमेरिका यात्रा पर पहुंचे थे। शरीफ इस दौरान शक्तिशाली सीनेट विदेश संबंध समिति के सदस्यों से मिले थे।