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भारत-चीन सीमा पर हालात को लेकर चीनी विदेश मंत्री ने बोला झूठ, एस जयशंकर ने बताई LAC की वास्तविक स्थिति

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : May 06, 2023 06:47 am IST,  Updated : May 06, 2023 06:47 am IST

शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन (एससीओ) में चीनी विदेश मंत्री छिन कांग ने भारत-चीन सीमा पर मौजूदा हालात को लेकर सफेद झूठ बोला है। छिन कांग ने कहा था कि सीमा पर हालात सामान्य और स्थिर हैं, लेकिन भारत ने एससीओ के मंच पर चीन के झूठ का पुलिंदा खोल दिया है।

एस जयशंकर, भारत के विदेश मंत्री- India TV Hindi
एस जयशंकर, भारत के विदेश मंत्री Image Source : PTI

शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन (एससीओ) में चीनी विदेश मंत्री छिन कांग ने भारत-चीन सीमा पर मौजूदा हालात को लेकर सफेद झूठ बोला है। छिन कांग ने कहा था कि सीमा पर हालात सामान्य और स्थिर हैं, लेकिन भारत ने एससीओ के मंच पर चीन के झूठ का पुलिंदा खोल दिया है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष छिन कांग से मुलाकात के एक दिन बाद शुक्रवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख की सीमा पर स्थिति ‘असमान्य’ है और भारत और चीन के रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते अगर सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता की स्थिति बाधित हो। जयशंकर ने यह भी कहा कि सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया को आगे ले जाने की जरूरत है।

गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के कुछ हिस्सों में जारी गतिरोध चौथे साल में प्रवेश कर गया है। जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री ने बृहस्पतिवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक से इतर द्विपक्षीय वार्ता की। उन्होंने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में, कांग से हुई बातचीत के बारे में पूछे जाने पर कहा , ‘‘मुझे लगता है कि मुद्दा यह है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में एक असामान्य स्थिति है। हमने इस बारे में खुलकर बात की।’’ जयशंकर ने कहा, ‘‘हमें सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया को आगे ले जाना होगा और हमनें सार्वजनिक रूप से भी इसे स्पष्ट किया है। जो मैं बंद कमरे में कहता हूं, वह जो बाहर कहता हूं, उससे अलग नहीं है।.

भारत और चीन के संबंध असामान्य

भारत और चीन के संबंध सामान्य नहीं हैं एवं ये सामान्य नहीं हो सकते अगर सीमा पर शांति और स्थिरता बाधित हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बारे में बहुत स्पष्ट रहा हूं, मैं इस बारे में लगातार कहता रहा हूं और इस रुख में बैठक के दौरान भी कोई बदलाव नहीं आया।’’ जब चीन के इस दावे के बारे में पूछा गया कि सीमा पर स्थिति स्थिर है तो जयशंकर ने संकेत दिया कि ऐसा नहीं है। गौरतलब है कि पिछले दो महीनों में दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह दूसरी मुलाकात थी। चीनी विदेश मंत्री मार्च में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए भारत आए थे। वार्ता के दौरान, जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष को बताया कि पूर्वी लद्दाख में सीमा पर विवाद के कारण भारत-चीन संबंधों की स्थिति "असामान्य" है।

राजनाथ सिंह के साथ भी हो चुकी है वार्ता

पिछले हफ्ते, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष ली शांगफू से एक बैठक में कहा था कि चीन द्वारा मौजूदा सीमा समझौतों का उल्लंघन किए जाने से दोनों देशों के बीच संबंधों का पूरा आधार "खराब" हो गया है और सीमा से संबंधित सभी मुद्दों को मौजूदा समझौतों के अनुसार हल किया जाना चाहिए। यह बैठक 27 अप्रैल को नयी दिल्ली में एससीओ रक्षा मंत्रियों के एक सम्मेलन के मौके पर हुई थी। दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच बैठक से कुछ दिन पहले, भारत और चीन की सेनाओं ने सीमा विवाद के समाधान के लिए 18वें दौर की वार्ता की थी। कोर कमांडर स्तर की 23 अप्रैल को हुई वार्ता में, दोनों पक्षों ने निकट संपर्क में रहने और पूर्वी लद्दाख में शेष मुद्दों पर जल्द से जल्द पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान निकालने पर सहमति व्यक्त की थी। हालांकि, तीन साल से चले आ रहे विवाद को समाप्त करने को लेकर किसी स्पष्ट प्रगति का कोई संकेत नहीं दिखा

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