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कोरोना वाले वुहान के पूर्व मेयर को 14 साल की जेल, करोड़ों रुपये की घूस के केस में आया फैसला

 Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Oct 10, 2026 09:47 pm IST,  Updated : Oct 10, 2026 09:47 pm IST

चीन की अदालत ने वुहान के पूर्व मेयर झोउ शियानवांग को 6.05 करोड़ युआन से अधिक की रिश्वत लेने के मामले में 14 साल जेल की सजा सुनाई और 50 लाख युआन का जुर्माना लगाया। मामला 2003 से 2025 के बीच का है।

Zhou Xianwang, Former Wuhan Mayor, China Corruption Case- India TV Hindi
वुहान के पूर्व मेयर झोउ शियानवांग (दाएं)। Image Source : CHINATOPIX VIA AP

Highlights

  • चीन के वुहान शहर के पूर्व मेयर झोउ शियानवांग को रिश्वत मामले में 14 साल जेल की सजा।
  • अदालत के मुताबिक, झोउ ने 6.05 करोड़ युआन से अधिक की रकम और कीमती सामान रिश्वत में लिया।
  • कोरोना के शुरुआती दौर में वुहान में सूचना छिपाने के आरोपों पर अदालत के फैसले में चर्चा नहीं हुई।

बीजिंग: चीन में कोरोना वायरस के शुरुआती प्रकोप के दौरान चर्चा में रहे वुहान शहर के पूर्व मेयर झोउ शियानवांग को रिश्वत लेने के मामले में 14 साल जेल की सजा सुनाई गई है। शनिवार को अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 50 लाख युआन (करीब 7 करोड़ रुपये) का जुर्माना भी लगाया। हालांकि, अदालत के फैसले में कोरोना महामारी के शुरुआती दौर में उनके कामकाज का जिक्र नहीं किया गया। फैसले में केवल रिश्वत लेने के मामले पर ध्यान दिया गया।

2003 से 2025 के बीच रिश्वत लेने का आरोप

चीन की शांगच्यू इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट के मुताबिक, झोउ ने 2003 से 2025 के बीच अलग-अलग सरकारी पदों पर रहते हुए अपने प्रभाव का इस्तेमाल दूसरों को फायदा पहुंचाने के लिए किया। इनमें कारोबार से जुड़े काम और प्रशासनिक मंजूरियां दिलाने जैसे मामले शामिल थे। अदालत ने कहा कि झोउ ने इस दौरान 6.05 करोड़ युआन (करीब 85 करोड़ रुपये) से अधिक की रकम और कीमती सामान रिश्वत के रूप में स्वीकार किया। अदालत के अनुसार, रिश्वत की यह रकम काफी ज्यादा थी।

अपराध कबूल करने पर सजा में मिली राहत

अदालत ने बताया कि झोउ की सजा कम करने पर विचार किया गया, क्योंकि उन्होंने अपना अपराध कबूल किया और जांच में अधिकारियों का सहयोग किया। इसके अलावा, रिश्वत से हासिल की गई अधिकांश रकम और संपत्ति बरामद कर ली गई थी। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने उनकी सजा में राहत देने का फैसला किया। हालांकि, उन्हें 14 साल जेल में बिताने होंगे और 50 लाख युआन का जुर्माना भी भरना होगा।

शी जिनपिंग के दौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान

चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रमुख नीतियों में शामिल रही है। वर्ष 2012 में सत्ता संभालने के बाद से शी जिनपिंग की सरकार ने हजारों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत कई बड़े अधिकारी भी निशाने पर आए हैं। इन कार्रवाइयों में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों और शी जिनपिंग के हाई-प्रोफाइल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को भी हटाया गया है। झोउ के खिलाफ आया फैसला भी सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार पर चीन की सख्त कार्रवाई के बीच सामने आया है।

कोरोना के समय वुहान की भूमिका पर उठे थे सवाल

झोउ शियानवांग को कोरोना वायरस के शुरुआती दौर में वुहान में हालात संभालने के तरीके को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। वुहान मध्य चीन का वह शहर है, जहां करीब 7 साल पहले कोरोना वायरस का बड़ा प्रकोप सामने आया था। महामारी के शुरुआती दिनों में वुहान में जानकारी समय पर सार्वजनिक नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठे थे। इन आरोपों पर झोउ ने उस समय कहा था कि स्थानीय सरकारें बिना अनुमति के संक्रामक बीमारियों से जुड़ी जानकारी जारी नहीं कर सकतीं।

दिसंबर 2019 में वुहान के अस्पतालों में पहुंचने लगे थे मरीज

दिसंबर 2019 में वुहान के अस्पतालों में ऐसे मरीज पहुंचने लगे थे, जिन्हें फ्लू जैसे लक्षण थे। इनमें तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी शामिल थी। इसके कुछ ही समय बाद चीन की एक प्रयोगशाला ने वायरस का लगभग पूरा आनुवंशिक क्रम तैयार कर लिया। इससे पता चला कि नया वायरस 2002-03 में सार्स बीमारी फैलाने वाले कोरोना वायरस से मिलता-जुलता था। प्रयोगशाला ने स्वास्थ्य अधिकारियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन यह सूचना सार्वजनिक नहीं की गई।

जनवरी में संक्रमण फैलने की आशंका जताई गई थी

जनवरी 2020 के मध्य में चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक आंतरिक बैठक में कहा था कि एक ही जगह पर संक्रमण के कई मामले सामने आने से इंसान से इंसान में वायरस फैलने की संभावना लगती है। इसके साथ ही महामारी से निपटने के लिए आपातकालीन तैयारियां करने के निर्देश दिए गए। हालांकि, सार्वजनिक रूप से उस समय वायरस के फैलने की क्षमता को कम करके बताया गया। इस बीच संक्रमण के मामले बढ़ते गए और हालात गंभीर होते चले गए।

वुहान में 76 दिनों तक रहा लॉकडाउन

संक्रमण फैलने के बाद चीन ने 23 जनवरी 2020 से वुहान में लॉकडाउन लगा दिया। यह पाबंदी 76 दिनों तक चली। इस दौरान शहर में लोगों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए। कोरोना महामारी के शुरुआती दौर में वुहान की भूमिका और संक्रमण से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक करने में हुई देरी पर लंबे समय तक सवाल उठते रहे। अब शहर के पूर्व मेयर को रिश्वत के मामले में सुनाई गई सजा ने उन्हें एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। (AP से इनपुट्स के साथ)

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