बेरूत: लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के नेता नईम कासिम ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर इजरायल ने क्षेत्र के आतंकी गुटों को हरा दिया, तो तेल से मालामाल खाड़ी देश उसका अगला निशाना होंगे। कासिम का यह बयान कतर की राजधानी दोहा में इजरायल के हालिया हवाई हमले के बाद आया है, जिसमें हमास के 5 सदस्य और एक कतरी सुरक्षा अधिकारी की मौत हो गई थी। कासिम ने कहा, 'हम कतर के साथ हैं, जिस पर हमला हुआ। हम फिलिस्तीनी प्रतिरोध के भी साथ हैं।' उसने दावा किया कि इजरायल का मकसद मध्य पूर्व के बड़े हिस्से में 'ग्रेटर इजरायल' बनाना है।
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'...तो अगला नंबर आपका होगा'
कासिम के मुताबिक, लेबनान, गाजा और अन्य क्षेत्रों में आतंकी गुटों की मौजूदगी ही इजरायल को ऐसा करने से रोक रही है। कासिम ने खाड़ी देशों, खासकर बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे इजरायल के साथ सामान्य संबंध रखने वाले देशों से कहा कि वे आतंकी गुटों को आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक समर्थन दें। उसने चेतावनी दी, 'अगर दुश्मन (इजरायल) ने प्रतिरोध को हरा दिया, जो कि वह नहीं कर पाएगा, तो अगला नंबर आपका होगा।' कासिम का यह बयान लेबनान सरकार द्वारा हिजबुल्लाह को निरस्त्रीकरण करने के सैन्य प्रस्ताव को मंजूरी देने के कुछ दिन बाद आया है।

लेबनान में सीजफायर और तनाव
पिछले 14 महीनों तक इजरायल के साथ चली जंग में हिजबुल्लाह को भारी नुकसान हुआ था। नवंबर 2024 में अमेरिका की मध्यस्थता से सीजफायर हुआ, लेकिन कासिम का कहना है कि इजरायल इसकी शर्तों का बार-बार उल्लंघन कर रहा है। उसने कहा कि सीजफायर के बाद भी इजरायल लगभग रोजाना लेबनान पर एयरस्ट्राइक कर रहा है, जिसमें ज्यादातर हिजबुल्लाह के सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है। इजरायल का कहना है कि हिजबुल्लाह अपनी सैन्य ताकत को फिर से बनाने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि जंग में उसके कई बड़े नेता मारे गए।

जंग में हुआ है भयानक नुकसान
इजरायल-हिजबुल्लाह जंग में लेबनान में 4000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें सैकड़ों आम नागरिक थे। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, इस जंग से 11 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इजरायल के भी 127 लोग मारे गए, जिनमें 80 सैनिक थे। यह जंग 8 अक्टूबर 2023 को शुरू हुई थी, जब हमास के इजरायल पर हमले के अगले दिन हिजबुल्लाह ने लेबनान से रॉकेट दागे थे। इसके जवाब में इजरायल ने लेबनान पर हमले शुरू किए, जो सितंबर 2024 में बड़ी जंग में बदल गए। इसके बाद से लगातार कभी बड़े तो कभी छिटपुट हमले होते रहे हैं। (AP)