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लेबनान के साथ सीजफायर से पहले ही IDF ने कर दिया था अपना काम, 150 से अधिक हिजबुल्लाह आतंकियों को पहुंचाया जहन्नुम

 Published : Apr 19, 2026 02:45 pm IST,  Updated : Apr 19, 2026 02:45 pm IST

इजरायल और लेबनान के बीच 16-17 अप्रैल को सीजफायर लागू होने से 24 घंटे पहले ही आईडीएफ ने अपना काम कर दिया था। आईडीएफ ने हिजबुल्लाह के गढ़ माने जाने वाले बिंत ज्बील क्षेत्र के चीफ कमांडर अली रिदा अब्बास समेत 150 से अधिक आतंकियों को ढेर कर दिया था।

लेबनान पर इजरायली हमले का एक दृश्य। - India TV Hindi
लेबनान पर इजरायली हमले का एक दृश्य। Image Source : AP

Israel-Lebanon Ceasefire: लेबनान के साथ 16-17 अप्रैल को सीजफायर लागू होने से पहले ही इजरायली सेना अपना काम कर चुकी थी। इजरायली सुरक्षा बल (IDF) ने रविवार को एक एक्स पर एक पोस्ट के जरिये बताया है कि उसने सीजफायर लागू होने से पहले ही हिजबुल्लाह के 150 से ज्यादा खूंखार आतंकियों और कमांडरों को जहन्नुम पहुंचा दिया था। 

सीजफायर के 24 घंटे पहले खेल

IDF ने घोषणा की है कि लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ संघर्षविराम समझौते के प्रभाव में आने से ठीक 24 घंटे पहले 150  से अधिक हिजबुल्लाह आतंकवादियों को मार गिराया गया था। साथ ही लगभग 300 से अधिक आर्मी बेस को तबाह कर दिया गया। आईडीएफ के अनुसार इन हमलों में बिंत ज्बील क्षेत्र के हिजबुल्लाह कमांडर अली रिदा अब्बास भी मारा गया। अब्बास ने इजरायली सैनिकों और इजरायल के खिलाफ कई हमलों की योजना बनाई और उन्हें अंजाम दिया था। 

हिजबुल्लाह कमांडर अली रिदा अब्बास की मौत आईडीएफ की बड़ी कामयाबी

 बिंत ज्बील क्षेत्र के हिजबुल्लाह कमांडर अली रिदा अब्बास की मौत को IDF की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों का नाजुक संघर्ष विराम लागू होने वाला था। बाद में यह संघर्ष विराम 16-17 अप्रैल की रात को प्रभावी हुआ, लेकिन उससे ठीक पहले IDF ने हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाने का फैसला किया। 

युद्ध विराम से पहले हिजबुल्लाह के ठिकाने हो चुके थे नष्ट

आईडीएफ ने कहा कि सीजफायर लाहू होने से पहले हिजबुल्लाह के रॉकेट लॉन्चर, यूएवी (ड्रोन), एंटी-टैंक मिसाइल पॉइंट्स, कमांड सेंटर और अन्य सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। इन कार्रवाइयों का मकसद इजरायली सैनिकों पर किसी भी संभावित खतरे को खत्म करना था। बिंत ज्बील क्षेत्र दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह का एक मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले हफ्तों में यहां भारी लड़ाई हुई थी, जिसमें सैकड़ों हिजबुल्लाह आतंकवादी मारे जा चुके हैं। IDF के मुताबिक, अब्बास जैसे कमांडरों की मौत से हिजबुल्लाह की कमांड संरचना पर बड़ा असर पड़ा है। यह घटना इजरायल-हिजबुल्लाह युद्ध के आठवें सप्ताह में हुई, जिसमें अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। 

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