1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. अमेरिकी टैरिफ से हुई आर्थिक उथल-पुथल के खिलाफ भारत-चीन ने दिखाई एकजुटता, ट्रंप को दे दी टेंशन

अमेरिकी टैरिफ से हुई आर्थिक उथल-पुथल के खिलाफ भारत-चीन ने दिखाई एकजुटता, ट्रंप को दे दी टेंशन

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Aug 31, 2025 05:18 pm IST,  Updated : Aug 31, 2025 05:20 pm IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग ने अमेरिकी टैरिफ के बीच हुई आर्थिक उथल-पुथल के मद्देनजर अपनी व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने और सीमा पर शांति, सौहार्द्र बनाए रखने की प्रतिबद्धता जाहिर की है।

पीएम नरेंद्र मोदी (बाएं) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (दाएं)- India TV Hindi
पीएम नरेंद्र मोदी (बाएं) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (दाएं) Image Source : PTI

त्येनजिन : भारत और चीन ने अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ एकजुटता जाहिर की है। त्येनजिन में पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय बैठक के बाद अमेरिका की शुल्क संबंधी नीति के कारण पैदा हुई आर्थिक उथल-पुथल की पृष्ठभूमि में एक नीतिगत रुख का संकेत दिया। मोदी और जिनपिंग के इस कदम ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टेंशन दे दी है। साथ ही वैश्विक व्यापार को स्थिर करने में अपनी अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को भी स्वीकार किया। 

भारत-चीन के संबंधों को तीसरे देश के नजरिये से नहीं देखें

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एवं चीन दोनों ही रणनीतिक स्वायत्तता चाहते हैं और उनके संबंधों को किसी तीसरे देश के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। बयान में बताया गया कि दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर निष्पक्ष व्यापार एवं आतंकवाद जैसी चुनौतियों और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर साझा आधार का विस्तार करने की आवश्यकता को समझा।

भारत-चीन प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को सीमा विवाद के “निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान” की दिशा में आगे बढ़ने के प्रति साझी प्रतिबद्धता जताई। साथ ही दोनों नेताओं ने वैश्विक व्यापार में स्थिरता लाने और भारत-चीन संबंधों को विकास आधारित साझेदारी के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान सहमति बनी कि भारत और चीन प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि विकास में साझेदार हैं। दोनों नेताओं ने कहाकि आपसी मतभेदों को विवाद का रूप नहीं बदलने देना चाहिए। इस दौरान दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया। आतंकवाद और निष्पक्ष व्यापार पर एकजुटता दिखाई। 

सीमा के मुद्दों पर प्रगति और संवाद की सराहना

प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द के महत्व पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष सैनिकों को सीमा से सफलतापूर्वक पीछे हटाए जाने और उसके बाद से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अपने समग्र द्विपक्षीय संबंधों के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और दोनों देशों के लोगों के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए सीमा विवाद के निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान को लेकर प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों को स्वीकार किया और उनके प्रयासों को आगे भी समर्थन देने पर सहमति व्यक्त की। (भाषा)

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश