Iran US War: अमेरिका ने युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान को नया प्रस्ताव भेजा है। इस पर ईरान ने कहा है कि वह युद्ध समाप्त करने के संबंध में अमेरिका के नवीनतम प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्र्स्ताव के साथ ही तेहरान को चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर फिर बमबारी शुरू हो जाएगी। इस प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए फिर से खोलना शामिल है।
बाजारों में उत्साह
दो महीने पुराने इस संघर्ष के जल्द समाप्त होने की उम्मीद ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उत्साह भर दिया। हालांकि इससे पहले बुधवार को अमेरिकी सेना ने ईरानी तेल टैंकर पर गोलीबारी की हो, जो ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर हो गई है, क्योंकि निवेशक जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीद कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि पर्सियन गल्फ से तेल टैंकरों की सप्लाई बहाल हो सके।
ट्रंप ने कहा-जल्द खत्म होगा युद्ध
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि दो महीने का युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है और संघर्ष के कारण बाधित तेल तथा प्राकृतिक गैस की शिपमेंट फिर शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि ईरान प्रस्तावित समझौता स्वीकार करता है या नहीं, जिसकी उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। ट्रंप ने लिखा, “अगर वे सहमत नहीं हुए, तो बमबारी शुरू हो जाएगी।” उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल से नाजुक संघर्षविराम जारी है। हालांकि इस बीच ईरान और अमेरिका ने कई बार सीजफायर तोड़ा है।
पाकिस्तान नहीं करा पाया समझौता
पाकिस्तान की मध्यस्थता में पिछले महीने दोनों देशों के बीच किया गया शांति वार्ता का प्रयास विफल हो चुका है। इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले की शुरुआत की। इसी दिन इजरायल और अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी। खामेनेई के साथ कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए। इसके बाद ईरान ने मिडिल-ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर तबाही मचानी शुरू कर दी और होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्ल़क कर दिया।
युद्ध की बदलती कथा
ईरान युद्ध के दौरान ट्रंप प्रशासन का स्टैंड बार-बार बदलता रहा और अक्सर विरोधाभासी रहा। इस सप्ताह राष्ट्रपति और उनके सहयोगियों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और युद्ध समाप्त करने की रणनीति को लेकर घंटों के अंदर नाटकीय रूप से बदलती कथा प्रस्तुत की। ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर रखा है, जबकि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रहा है। यह जलमार्ग तेल, गैस, उर्वरक और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बुधवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर बताया कि एक लड़ाकू विमान ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी तेल टैंकर का रडर नष्ट कर दिया, जब वह अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था।
ट्रंप का दावा-ईरान खत्म करना चाहता है युद्ध
ट्रंप ने बुधवार को जोर देकर कहा कि ईरानी अधिकारी युद्ध समाप्त करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हम ऐसे लोगों से निपट रहे हैं जो बहुत ज्यादा समझौता करना चाहते हैं, और हम देखेंगे कि वे हमारे लिए संतोषजनक समझौता कर पाते हैं या नहीं। व्हाइट हाउस का मानना है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक पेज के मेमोरैंडम पर समझौता करीब है, जैसा कि एक्सियोस ने रिपोर्ट किया है। इसमें ईरानी यूरेनियम संवर्धन पर रोक, अमेरिकी प्रतिबंध हटाने, ईरान की जमी हुई फंड्स की वितरण और जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खोलने का प्रावधान शामिल है।
कहां फंसा है पेच?
ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौता नहीं हो पाने की सबसे बड़ी वजह तेहरान का परमाणु कार्यक्रम है। अमेरिका किसी भी सूरत में ईरान को परमाणु हथियार बनाने का अधिकार नहीं देना चाहता और दूसरी तरफ ईरान किसी भी स्थिति में अपने देश को परमाणु कार्यक्रम से वंचित नहीं रखना चाहता। दोनों देशों की इस जिद के कारण समझौते में पेच फंस गया है। मगर अब कहा जा रहा है कि ईरान और अमेरिका इस मुद्दे को साइड करके बाकी बिंदुओं पर सहमति जता सकते हैं। इससे 2 महीने से चल रहा युद्ध समाप्त हो सकता है। बाद में परमाणु वार्ता के लिए अलग बैठकें हो सकती हैं।